
Mandsaur Sarpanch Bribe Case: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त (Lokayukta Action) और ईओडब्ल्यू (EOW) कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोरों की रंगेहाथों पकड़ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मंदसौर जिले का है जहां दलौदा ग्राम पंचायत की सरपंच व उनके पति को रिश्वत लेते हुए EOW की टीम ने रंगेहाथों पकड़ा है।
मंदसौर जिले के दलौदा गांव के रहने वाले विक्रम सिंह ने बीते दिनों EOW में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में फरियादी विक्रम सिंह ने बताया कि उसे लोन लेना था और इसलिए उन्होंने दलौदा गांव की पंचायत में करीब एक महीने पहले एनओसी के लिए आवेदन दिया था। फरियादी के मुताबिक महीनेभर बाद भी सरपंच के द्वारा आवेदन पर हस्ताक्षर नहीं किए गए। वो जब सरपंच के पास पहुंचा और एनओसी देने के लिए कहा तो सरपंच दुर्गा कैथवास और उनके पति अनिल कैथवास के द्वारा 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। बाद में बातचीत 4 हजार रुपये में तय हुई। फरियादी के मुताबिक वो 500 रुपये पहले ही दे चुका था।
EOW की टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर सोमवार को सरपंच व उसके पति को रंगेहाथों पकड़ने के लिए ट्रैप दल दलौदा गांव पहुंचा। फरियादी विक्रम सिंह को रिश्वत के 3500 रुपये देने के लिए सरपंच दुर्गा कैथवास के पास भेजा गया। पंचायत कार्यालय में जैसे ही सरपंच दुर्गा कैथवास और उसके पति अनिल कैथवास ने रिश्वत के रूपये लिए तो EOW की टीम ने दोनों को रंगहाथों पकड़ लिया।
पंचायत के सरपंच कक्ष में सरपंच की कुर्सी के ठीक पीछे सत्यमेव जयते लिखा हुआ था और उसके नीचे सरपंच की कुर्सी रखी हुई थी। इसी कुर्सी पर बैठकर सरपंच दुर्गा कैथवास और उसका पति अनिल कैथवास रिश्वत लेते हुए पकड़ाए हैं।