
Mandsaur News : साइबर ठगी के खिलाफ मध्य प्रदेश की मंदसौर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना समेत 6 आरोपियों को राजस्थान और बिहार से दबोचा है। शुरुआती जांच के अनुसार, गिरोह ने देश के अलग - अलग राज्यों में 100 से ज्यादा साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देने और 11 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
मामला शामगढ़ में रहने वाली एक महिला से जुड़ा है, जिसने मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल बनाया था। ठग ने खुद को एनआरआई बताकर महिला से संपर्क किया। इसके बाद उसे शादी का झांसा दिया गया। नकली फोटो और कथित परिजन से व्हाट्सएप पर बातचीत कर विश्वास जीतने के बाद विदेशी गिफ्ट भेजने की बात कही गई। इसके बाद गिफ्ट कस्टम में फंसने, कस्टम ड्यूटी, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर महिला से अलग-अलग खातों में करीब 7.50 लाख रुपए जमा करवाए गए।
मामले की शिकायक सामे आने के बाद पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देशन में विशेष टीम गठित की। टीम ने करीब डेढ़ महीने तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया और 15 दिनों तक अलग - अलग राज्यों में कार्रवाई करते हुए राजस्थान के जयपुर से लेकर बिहार के अरवल तक दबिश देते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की है।
जांच में सामने आया कि, गिरोह अलग-अलग राज्यों से म्यूल बैंक खाते और मोबाइल सिम हासिल करता था। संबंधित खातों से ठगी की रकम निकालने के बाद उसे दूसरे खातों में जमा कर दिया जाता था। बैंक खाते फ्रीज होने पर आरोपी मोबाइल, सिम, पासबुक और एटीएम तक नष्ट कर दिया करते थे।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 22 एंड्रॉयड फोन, 30 सिम और 5 एटीएम कार्ड बरामद कर जब्त किए हैं। इसके अलावा, आरोपियों के पास से मिले विभिन्न बैंक खातों के साक्ष्यों के आदार पर उसमें जमा 8 लाख रुपए से अधिक रकम फ्रीज कराई गई है। पुलिस के अनुसार, जल्द ही ठगी के शिकार लोगों को ये राशि संबंधित पीड़ितों को वापस लौटाने की प्रक्रिया की जाएगी।