
मंदसौर। किसान आंदोलन में हुए गोलीकांड के बाद एक बार फिर से मंदसौर खबरों में छाया हुआ है। मासूम के साथ हुई हैवानियत ने लोगों को एक बार फिर से निर्भया कांड की याद दिला दी। बता दें कि अपहरण और रेप से घायल 7 साल की मासूम बच्ची को देखकर इलाज करने वाले डॉक्टर भी सहम गए थे। हालांकि दुष्कर्म के दोनों आरोपियों ( इरफान और आसिफ) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है लेकिन जनता में दरिंदों के खिलाफ गुस्सा बढ़ चुका है। पुलिस ने जरूर इन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन जनता दोनों आरोपियों की जल्द से जल्द फांसी की मांग पर आक्रोश दिखा रही है।
जलाया गया पुतला
घटना के बाद से आक्रोश में डूबी रतलाम की जनता ने आरोपी इरफान और आसिफ के पुतलों को बीच सड़क में महाराजा सज्जन सिंह चौराहे पर फांसी पर लटका दिया। इस तरह का आक्रोश मंदसौर और नीमच में भी देखने को मिला। प्रदर्शन के लिए कई अन्य कस्बे भी बंद रहे। वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालयों में हिंदू-मुस्लिम समाजों और सामाजिक संस्थाओं ने भी रैलियों को निकाल को निकालकर प्रदर्शन किया।
पुलिस रिमांड पर भेजा गया आरोपी
शुक्रवार को पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी आसिफ को पांच दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल अभी तक उसे कोर्ट में पेश नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि ये सुरक्षा कारणों के चलते किया गया है। वहीं पाक्सो स्पेशलिस्ट जेएमएफसी शबनम मंसूरी ने दूसरे आरोपी आसिफ को अजाक थाने पहुंचकर रिमांड पर सौंपा। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कपड़े, बच्ची के कपड़े, बाइक आदि समान के डीएनए सैंपल भी ले लिए है।
पूरा खर्च उठाएगी सरकार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि दुष्कर्म पीड़िता बच्ची की पूरी पढ़ाई नौकरी और शादी की जिम्मेदारी सरकार उठाएगी। इंदौर कलेक्टर निशांत वरवड़े ने जानकारी दी है कि बच्ची के लिए दस लाख की एफडी करवाई गई है। वहीं विधायक सुदर्शन गुप्ता ने सफाई देते हुए कहा है कि मेरी बात को रखने का अंदाज लोगों ने गलत तरह से लिया है। मेरी बात से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं गहरा दुख प्रकट करता हूं। ब्ची और उसके परिवार के साथ खड़ा हूं मैं।