पिछले एक एक हफ्ते में चीन का शेयर मार्केट 514 अरब डॉलर डूब गया है, आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि जितनी रकम चीन की डूबी है उतनी स्वीडन देश की इकोनाॅमी है।
नर्इ दिल्ली। जहां एक आेर भारत ट्रेड वाॅर से बचने के लिए अमरीका के साथ दोबारा से पींगे बढ़ाने में जुट गया है, वहीं दूसरी आेर चीन को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पिछले एक एक हफ्ते में चीन का शेयर मार्केट 514 अरब डॉलर डूब गया है। आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि जितनी रकम चीन की डूबी है उतनी स्वीडन देश की इकोनाॅमी है। चीन के शेयर मार्केट के डूबने से अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा शेयर मार्केट जापान का हो गया है। आइए आपको भी इस बारे में विस्तार से बताते हैं।
2015 के बाद सबसे बड़ी गिरावट
जनवरी की तुलना में शंघाई कंपोजिट इंडेक्स में 19 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज़ की गई है। शुक्रवार को यह 2,889.76 के अंक पर बंद हुआ। चीन के शेयर बाज़ार में लोग डर से शेयर बेच रहे हैं और ख़रीद नहीं रहे हैं। चीन के शेयर मार्केट में ऐसी उठापटक 2015 के बाद पहली बार देखने को मिल रही है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार चीनी शेयर बाज़ार में इस हफ़्ते 514 अरब डॉलर का नुक़सान हो चुका है जो कि स्वीडन की अर्थव्यवस्था के बराबर है।
इस वजह से हुआ नुकसान
यह नुक़सान अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की 200 अरब डॉलर के अतिरिक्त शुल्क लगाने की चेतावनी के बाद हुआ है। ट्रंप ने यह चेतावनी चीन के पलटवार की धमकियों के बीच दी है। शंघाई कंपोजिट में पिछले दो सालों में 34 फ़ीसदी की मज़बूती आई थी। यह मज़बूती बड़ी कंपनियों के मुनाफ़े कारण आई थी। कई एजेंसियों का कहना है कि चीनी शेयर बाज़ार, ट्रेड वॉर और पूंजी की कमी के दोहरे मार से जूझ रहा है।
जापान आ जाएगा दूसरे नंबर पर
वहीं दूसरी आेर जापान भी चीन के शेयर बाजार की आेर नजरें बनाए हुए हैं। साथ ही पिछले चार साल से चीन का शेयर बाजार दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है। लेकिन अब वह दूसरे से फिसलकर तीसरे स्थान पर आ सकता है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट की मानें तो मंगलवार को चीन ने शेयर बाजार में करीब 406 अरब डॉलर डूब गए थे। जनवरी में उच्चतम स्तर छूने के बाद से अबतक चीन के शेयर्स का पूंजीकरण 1.6 ट्रिलियन तक घट चुका है। अब अब भी गिरावट दर्ज हुर्इ तो चीन तीसरे पर और जापान दूसरे नंबर पर आ जाएगा। इससे जापान की मुद्रा को फायदा मिलेगा। मौजूदा समय में दुनिया का सबसे बड़ा शेयर बाजार अमेरिका का है। इसका मूल्य करीब 31 ट्रिलियन डॉलर का है। दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका का शेयर बाजार चीन और जापान के संयुक्त शेयर्स के मूल्य का भी दोगुना है।