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Diesel Price In Delhi: बिक्री कम होने से कम हो सकते हैं Diesel Price

पड़ोसी राज्यों Punjab, Haryana और Uttar Pradesh से ज्यादा है Diesel Price Delhi Petrol Dealers Association ने Delhi Govt से की मांग, कम करे वैट

2 min read
Jun 05, 2020
Diesel price In delhi
Diesel Price In Delhi: Diesel Price May Be Lower Due To Sales Down

नई दिल्ली। जिस दिल्ली में डीजल के दाम ( Diesel Price in Delhi ) अपने पड़ोसी राज्यों से कम हुआ करते थे और दिल्ली बॉर्डर के करीब रहने वाले दूसरे राज्यों से डीजल दिल्ली आकर भरवाते थे वो दिन दिल्ली सरकार ( Delhi Govt ) के एक फैसले बदल दिए। कोरोना संकट के दौरा राजस्व बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार ने डीजल पर वैट ( Vat on Diesel price ) बढ़ाकर खेल को पूरी तरह से उल्टा कर दिया। साथ अपने पड़ोसी राज्यों के मुकाबले डीजल के दाम ( Diesel Price Today ) को 7 रुपए प्रति लीटर तक महंगा कर दिया। अब दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ( Delhi Petrol Dealers Association ) ने मांग की है दिल्ली सरकार डीजल पर वैट को कम करें। आइए आपको भी बताते हैं संगठन ने सरकार के सामने अपना क्या तर्क रखा।

आई बिक्री में भारी कमी
दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने वैट में इजाफे को वापस लेने की मांग की है। संगठन के अनुसार मई में डीजल की बिक्री में 79 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। एसोसिएशन ने आंकड़ों में कहा कि इस साल मई में 1.73 करोड़ लीटर डीजल की सेल हुई, जबकि पिछले साल समान महीने में दिल्ली में 8 करोड़ लीटर डीजल बेचा गया था। संगठन के अध्यक्ष अनिल बिजलानी की मानें तो अप्रैल में डीजल की बिक्री में 84 फीसदी की गिरावट देख्खने को मिली थी, मई में ढील के बाद भी डीजल की सेल में 79 फीसदी की गिरावट देखपने को मिली है।

पड़ोसी राज्यों में कीमत है कम
संगठन के अनुसार मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में वैट कम होने के कारण डीजल की कीमत कम है। जिसका असर दिल्‍ली के पेट्रोल पंपों की सेल पर देखने को मिल रहा है। दिल्ली सरकार ने 5 मई को पेट्रोल और डीजल पर वैट बढ़ाकर 30 फीसदी कर दिया गया था।

हो रहा है राजस्व का नुकसान
एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया के अनुसार डीजल की बिक्री में कमी का मुख्य कारण पड़ोसी राज्यों के मुकाबले दिल्ली में डीजल करीब 7 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। जिसका असर बिक्री और राजस्व दोनों पर देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ज्यादा टैक्स के कारण दिल्ली सरकार को प्रति माह 58 करोड़ रुपए के रेवेन्यू का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

Updated on:
05 Jun 2020 08:20 pm
Published on:
05 Jun 2020 08:18 pm
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