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Vedanta Demerger: लिस्ट होते ही एल्युमिनियम और ऑयल एंड गैस कंपनियों में लगा लोअर सर्किट, उधर वेदांता आयरन एंड स्टील में आया बड़ा उछाल

Vedanta Aluminium Metal Share: वेदांता के शेयरधारकों के लिए आज का दिन अहम है। डीमर्जर के बाद बनी 4 नई कंपनियों के शेयर BSE-NSE पर लिस्ट हो चुके हैं। ऐसे में इनकी क्या प्राइस है और ट्रेड-टू-ट्रेड सेक्शन में क्या होगा यह जानना जरूरी है।

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Vedanta के शेयर बाजार में लिस्ट हो चुके हैं। (PC: AI)

Vedanta Demerger Listings: डीमर्जर के बाद बनी वेदांता की चारों कंपनियों के शेयर आज शेयर बाजार में लिस्ट हो गए हैं। हालांकि, लिस्ट होते ही कुछ के शेयर लोअर सर्किट में चले गए। वेदांता एल्युमिनियम मेटल का शेयर सबसे अधिक कीमत 522 रुपये पर लिस्ट हुआ। शुरुआती कारोबार में ही 10 बजकर 10 मिनट पर यह शेयर बीएसई पर 5 फीसदी के लोअर सर्किट के साथ 500.65 रुपये पर आ गया।

वेदांता ऑयल एंड गैस में भी लोअर सर्किट

वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड का शेयर एनएसई पर 38 रुपये पर लिस्ट हुआ है। इसके अलावा, वेदांता पावर लिमिटेड का शेयर 41.8 रुपये पर और वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड का शेयर 20 रुपये पर लिस्ट हुआ है। शुरुआती कारोबार में ही वेदांता ऑयल एंड गैस के शेयर में 5 फीसदी का लोअर सर्किट लग गया और एनएसई पर यह लुढ़ककर 36.10 रुपये पर आ गया।

वेदांता आयरन एंड स्टील में बड़ा उछाल

वेदांता पावर के शेयर में तेजी दिखी। यह सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर 2.37 फीसदी बढ़कर 42.79 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, वेदांता आयरन एंड स्टील के शेयर में शानदार तेजी दिखी और यह एनएसई पर 5.30 फीसदी बढ़कर 21.06 रुपये पर पहुंच गया।

10 दिनों तक नहीं होगी इंट्राडे ट्रेडिंग

फिलहाल चारों कंपनियों के शेयरों को ट्रेड-टू-ट्रेड (T2T) सेगमेंट में रखा गया है। ऐसे में चारों कंपनियों के शेयरों की ट्रेडिंग में शुरुआती 10 दिनों तक फिजिकल डिलीवरी कंपल्सरी रहेगी। यानी की निवेशक शेयरों की इंट्राडे ट्रेडिंग नहीं कर पाएंगे। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि शुरुआती उतार-चढ़ाव को कम किया जा सके।

वेदांता ग्रुप का डिमर्जर क्यों हुआ?

अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता ग्रुप का यह डीमर्जर भारत के मेटल्स और माइनिंग सेक्टर में एक बड़ी कॉरपोरेट रीस्ट्रक्चरिंग है। इस डीमर्जर के तहत एल्युमिनियम, पावर, ऑयल एंड गैस और आयरन एंड स्टील बिजनेस को अलग-अलग कंपनियों में बांटा गया है। इसके बाद तेल, गैस, एल्युमीनियम, और पावर बिजनेस का मूल्यांकन अलग से किया जा सकेगा।

निवेशकों का क्या फायदा हुआ?

वेदांता के डीमर्जर की रिकॉर्ड डेट 1 मई थी। डीमर्जर के तहत 1:1 अनुपात लागू किया गया था। यानी निवेशकों को वेदांता लिमिटेड के प्रत्येक 1 शेयर के बदले डीमर्ज की गई प्रत्येक नई कंपनी का 1 शेयर मिला है।