
Gold Import। फरवरी 2021 के बजट में गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी को कम कर दिया था। जिसके बाद मार्च के महीने में सोने का आयात ( Gold Import ) 470 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। जानकारों की मानें तो गोल्ड इंपोर्ट में इजाफे से व्यापार घटा बढऩे और रुपए में गिरावट देखने को मिल सकती है। आंकड़ों के अनुसार मार्च के महीने में गोल्ड इंपोर्ट 160 टन देखने को मिला है।
इन दो कारण से सोने का आयात बढ़ा
गोल्ड इंपोर्ट बढऩे का पहला कारण है कि फरवरी के बजट में सरकार ने गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी 12.5 फीसदी से 10.75 फीसदी कर दी। वहीं सोने की कीमत में गिरावट देखने को मिली है। जिसकी वजह से गोल्ड केे इंपोर्ट में तेजी देखने को मिली है। अगस्त 2020 से सोने की कीमत में अब तक 20 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। सोने की कीमत अगस्त में 56191 रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुंच गए थे। भारत में सोने का आयात करने के मामले में दुनिया का दूसरे बंबर का देश है।
पिछले साल के मुकाबले कितना हुआ इजाफा
वहीं बात तिमाही की करें तो मार्च तिमाही में गोल्ड इंपोर्ट 321 टन हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि में 124 टन था। अगर वैल्यू के लिहाज से बात करें तो मार्च में इंपोर्ट बढ़कर 61.53 हजार करोड़ रुपए का रहा, जो सालभर पहले 9 हजार करोड़ रुपए से थोड़ा ज्यादा था।
व्यापार घाटा बढऩे और रुपए के गिरने के आसार
गोल्ड इंपोर्ट बढऩे से भारत का व्यापार घाटा बढऩे की संभावनाएं बढ़ गई है। दूसरी ओर रुपए में डॉलर के मुकाबले गिरावट देखी जा सकती है। जानकारी के अनुसार मौजूदा समय में डॉलर बास्केट 3 महीने के उच्चतम स्तर पर चल रहा है। इंपोर्ट में इजाफे से भारत के विदेशी पूंजी भंडार पर भी असर देखने को मिल सकता है। कुल मिलकार सोने के आयात में इजाफा भारत के लिहाज से घाटे का ही सौदा साबित होता है।