Share Market News

अगर आपने भी लगाया होता इन कंपनियों में पैसा तो हो जाता 200 से 400 फीसदी का मुनाफा

बीते 6 महीनों में आलोक इंडस्ट्रीज ने दिया करीब 400 फीसदी तक सबसे ज्यादा मुनाफा 6 महीनों में टाटा कंयूनिकेशन के साथ वोडाफोन आइडिया का नाम भी शामिल, रिलायंस शामिल नहीं

4 min read
If you invested in companies, you would have made 200 to 400 pc profit
If you invested in companies, you would have made 200 to 400 pc profit

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस की वजह से हजारों लोगों की मौत हो चुकी है, जिसकी संख्या जल्द ही एक लाख भी पहुंच सकती है। दुनिया में कोरोना केसों के मामले में भारत अमरीका के बाद दूसरे नंबर है। जिसकी वजह से देश में लॉकडाउन तक लगाना पड़ा। उसके बाद देश में लोगों के फाइनेंशियल प्रोब्लम शुरू हो गई। शेयर बाजार भी शुरुआत में डूबा, लेकिन उसके बाद रिकवर किया। और ऐसा उठा कि 2009 के बाद पहली छमाही में पहली बार सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी देखने को मिली। कुछ कंपनियों के शेयरों ने 200 फीसदी से लेकर 400 फीसदी तक का फायदा पहुंचाया। ताज्जुब की बात तो ये है रिटर्न देने के मामले में टॉप टेन कंपनियों में देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का नाम नहीं है, जिसका मार्केट कैप 15 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया है। जबकि आलोक इंडस्ट्रीज से लेकर टीसीएस और वोडाफोन आइडिया और टाटा कंयूनिकेशन नाम की कंपनियां हैं, जिन्होंने इस दौरान निवेश किया होगा, उन्हें जरूर मोटा मुनाफा हुआ होगा। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर इस दौरान शेयर बाजार में किस तरह की तेजी देखने को मिली और किस कंपनी को कितना फायदा हुआ।

सेंसेक्स और निफ्टी में देखने को मिली बड़ी तेजी
लॉकडाउन के दौरान के भी शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। यह तेजी 2009 की पहली छमाही के जबरदस्त आंकड़ों के आने के बाद पहली बार देखने को मिली है। 31 मार्च से 30 सितंबर के दौरान जहां सेंसेक्स में 29 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 में 31 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। जानकारों की मानें तो अस्थिरता के दौर में विदेशी बाजारों के सकारात्मक रुख रहने के कारण बाजार में तेजी देखने को मिली है। आपको बता दें कि 2009 की पहली छमाही में सेंसेक्स 76 फीसदी और निफ्टी 50 68 फीसदी का उछाल आया था। उसके बाद ऐसा कभी नहीं हुआ।

कौन से शेयर रहे बाजार के सिकंदर
अगर इन 6 महीनों में टॉप 10 रिटर्न देने वाली कंपनियों की बात करें तो उसमें कोई बड़ा नाम नहीं है। ताज्जुब की बात तो ये है कि अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही वोडाफोन आइडिया के शेयर ने 200 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है। जबकि टाटा कंयूनिकेशन के शेयर ने 264 फीसदी का रिटर्न दिया है। आलोक इंडस्ट्रीज और अडानी ग्रीन के शेयर 400 फीसदी तक रिटर्न देने में सफल रहे हैं। इन छह महीनों में छोटी कंपनियों का ज्यादा बोलबाला रहा है। डिश टीवी के शेयर ने करीब 230 फीसदी का रिटर्न दिया है। वहीं सुवेन फार्मा ने सनफार्मा और कैडिला जैसी बड़ी फार्मा कंपनियों को पछाड़ते हुए 277 फीसदी का रिटर्न दिया है। इस फेहरिस्त में रिलायंस इंडस्ट्रीज और टीसीएस जैसी कंपनियों का नाम नहीं है।

6 महीनों में इन कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा इजाफा







































































कंपनी का नाम30 सितंबर को शेयर की कीमत ( रुपए में )31 मार्च को शेयर की कीमत ( रुपए में )अंतर ( फीसदी में )
आलोक इंडस्टट्रीज3.919.6398.7
अडानी ग्रीन एनर्जी153.7737.9380.2
लॉरस लैब64.5287.1344.9
सुवेन फार्मा100.7379.4276.6
टाटा कंयूनिकेशन233.2848.9264
केपीआईटी टेक35.4122.2245.7
डिश टीवी इंडिया4.113.5229.5
बिड़ला सॉफ्ट61.5195.1217.2
वोडाफोन आइडिया3.19.6207.4
वेलस्पन इंडिया21.867207.3

आखिर कंपनियों की कितनी भरी झोली
देश की टॉप टेन रिटर्न देने वाली कंपनियों ने भी अपनी झोली में अरबों रुपयों का इजाफा किया है। 31 मार्च को जो आलोक इंस्ट्रीज 862.15 करोड़ रुपए के मार्केट कैप के साथ थी उसने 3470.73 करोड़ रुपए का इजाफा कर 30 सितंबर को 4332.88 करोड़ रुपए के मार्केट पर आ गई। वहीं अडानी ग्रीन ने 24 हजार के मार्केट कैप से एक लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को छू लिया। वोडाफोन आइडिया के मार्केट कैप में करीब 19 हजार करोड़ रुपए का इजाफा देखने को मिला। वहीं सुवेन फार्मा के मार्केट कैप में 7 हजार करोड़ रुपए का इजाफा हुआ। टाटा कंयूनिकेशन का मार्केट कैन 17,500 करोड़ रुपए के इजाफे के साथ 24,193 करोड़ रुपए हो गया है।

6 महीनों में इन कंपनियों ने छप्पर फाड़कर कमाया







































































कंपनी का नाम30 सितंबर को एमकैप ( करोड़ रुपए में )31 मार्च को एमकैप ( करोड़ रुपए में )अंतर ( करोड़ रुपए में )
आलोक इंडस्टट्रीज4,332.88862.153470.73
अडानी ग्रीन एनर्जी1,15,408.6224,038.9091,369.10
लॉरस लैब15388.413457.1611,931.25
सुवेन फार्मा9658.192563.467,094.73
टाटा कंयूनिकेशन24193.656646.217,547.45
केपीआईटी टेक3350.04970.402379.64
डिश टीवी इंडिया2485.69754.911730.78
बिड़ला सॉफ्ट5406.441704.233702.21
वोडाफोन आइडिया27,585.988907.9718678.01
वेलस्पन इंडिया6731.652190.304541.35

अगली छमाही में रह सकता है उतार चढ़ाव
जानकारों की मानें तो आने वाले कुछ महीनों में बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। उसका सबसे बड़ा कारण हैं अमरीकी राष्ट्रपति पद का चुनाव। जहां एक बार फिर से रिपब्लिकन पार्टी की ओर से मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दूसरे कार्यकाल के लिए उम्मीदवार हैं। वहीं सामने हैं डेमोक्रैटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन। ट्रंप और उनकी पत्नी को कोरोना हो गया है जिसकी वजह से बाजार में गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं दूसरी ओर बाजार और इकोनॉमी को केंद्रीय बैंक से कितनी और किस तरह की मदद मिल सकती है, यह भी काफी अहम रहेगा। निवेशक एक बार फिर से रक्षात्मक सेक्टर्स की ओर जाएंगे। साथ ही अपने मुनाफे को अपने हाथ में रखने का प्रयास करेंगे।

Updated on:
04 Oct 2020 08:04 am
Published on:
04 Oct 2020 07:57 am