ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार जापान ने चीन को पछाड़ते हुए दूसरा स्थान हथिया लिया है। 2014 में दूसरा पायदान हासिल करने के बाद चीन पहली बार जापान से पिछड़ा है।
नई दिल्ली। पिछले कुछ महीनों से चीन आैर अमरीका के बीच चल रही ट्रेड वाॅर का नकारात्मक असर दिखना शुरू हो गया है। इसका सबसे बड़ा नुकसान चीन को हुआ है। अमरीका से मिल रही लगातार धमकी आैर उत्पादों पर बढ़ते टैक्स से चीनी शेयर बाजार को बड़ा झटका लगा है। जानकारों की मानें तो अब चीन दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार नहीं रह गया है। उसे एशिया की अन्य आर्थिक महाशक्ति जापान ने पछाड़ दिया है। यह चीन के लिए बड़ा झटका है।
जापान से पिछड़ा चीन
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार जापान ने चीन को पछाड़ते हुए दूसरा स्थान हथिया लिया है। 2014 में दूसरा पायदान हासिल करने के बाद चीन पहली बार जापान से पिछड़ा है। चीन का शेयर बाजार जापान के 6,170 अरब डॉलर के शेयर बाजार की तुलना में 6,090 अरब डॉलर का है। आपको बता दें कि पिछले कुछ महीनों से चल रहे ट्रेड वाॅर के कारण एेसा हुआ है। अगर एेसा ही चलता रहा तो चीन की स्थिति आैर भी ज्यादा बुरी हो जाएगी।
ट्रेड वाॅर से हुआ नुकसान
हॉन्ग कॉन्ग स्थित सीईबी इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट कॉर्परेशन के रिसर्च हेड बैनी लैम के अनुसार जापान के हाथों मात खाने का कारण ट्रेड वॉर से हुआ नुकसान है। उनके अनुसार जापान का इक्विटी गेज मौजूदा स्तर के आसपास तुलनात्मक तौर पर ज्यादा स्थिर है जबकि चीन का मार्केट कैप इस वर्ष के शिखर से फिसल गया गया है। आपको बता दें कि चीन की विकास दर से लेकर दुनियाभर से होने वाले व्यापार पर भी असर पड़ा। भारत पर भी चीन का व्यापार घाटे का सौदा बनता रहा है। भारत पर बड़ा बोझ बड़ता जा रहा है।
जापान रहा चीन से बेहतर
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार शंघाई कंपोजिट इंडेक्स इस वर्ष 17 फीसदी टूट चुका है जो दुनिया का सबसे खराब प्रदर्शन है। चीन में इंडस्ट्रियल और टेक कंपनियों के शेयरों ने सबसे खराब प्रदर्शन किया है। उधर, जापान के शेयर मार्केट की धड़कन मापने वाला टॉपिक्स इंडेक्स इस वर्ष 4 फीसदी टूटने के बाद एशिया में बेहतर प्रदर्शन करने वालों में एक है।