Share Market News

7 सालों में पहली बार कम हुआ एनपीए, बैंकों की स्थिति हुई मजबूत

कमर्शियल बैंकों का 2019 में एनपीए घटकर 3.7 फीसदी रह गया वित्त वर्ष 2018 में कमर्शियल बैंकों का एनपीए था 6 फीसदी लोन क्वालिटी और बेस कैपिटल मजबूती से हुआ टर्नराउंड

2 min read
Dec 25, 2019
banks_npa.jpg
NPA reduced for the first time in 7 years, banks position strengthened

नई दिल्ली।रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ( reserve bank of india ) की रिपोर्ट में बैंकिंग सेक्टर ( Banking Sector ) के लिए काफी अच्छी खबर आई है। रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि 7 साल में पहली बार बैंकों का बैड लोन ( Banks Bad Loan ) कम हुआ है। वित्त वर्ष 2019 में सभी कमर्शियल बैंकों का नेट एनपीए ( Net NPAs of Commercial Banks ) कम होकर 3.7 फीसदी रह गया है जो 2018 में 6 फीसदी था। वहीं सरकारी बैैंकों का विलय ( Merger of Government Banks ) और नॉन-बैंकिंग फाइनैंस कंपनीज ( Non-Banking Finance Companies ) में बढ़ा स्ट्रेस कम होने के बाद कैश फ्लो बढऩे की संभावना बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर रिपोर्ट में यह भी कहा गया गया है कि घरेलू मांग में सुस्ती और कंपनियों की बैलेंस शीट पर कर्ज का बोझ कम करने कोशिश भी रिकवरी की राह में रोड़ा बनी हुई है।

इसलिए आया सुधार
आरबीआई ने रिपोर्ट ऑन ट्रेंड एंड प्रोग्रेस ऑफ बैंकिंग इन इंडिया में कहा है कि सरकारी बैंकों के विलस के बाद बैंकिंग सेक्टर में काफी सुधार आ सकता है। लोन क्वॉलिटी में सुधार, कैपिटल बेस में मजबूती, और दोबारा प्रॉफिटेबल होने की स्थिति में बैंकिंग सेक्टर एक बार फिर से बदला हुआ दिखाई दे रहा है। वहीं दूसरी ओर रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि घरेलू आर्थिक गतिविधि की तेजी में कमी काफी चुनौतीपूर्ण वातावरण पैदा कर रही है। बैंकों ने ज्यादा सावधानी बरतने से लोन की मांग में भारी गिरावट देखने को मिली है। आपको बता दें कि देश की जीडीपी छह साल के निचले स्तर पर है।

ग्रॉस और नेट एनपीए रेश्यो में आई कमी
रिपोर्ट की मानें तो लोन की क्वॉलिटी सुधरी है, जिससे पब्लिक सेक्टर बैंकों को बढ़ावा मिला है। जिसकी वजह से ग्रॉस एनपीए और नेट एनपीए रेश्यो में गिरावट देखने को मिली है। स्लिपेज रेश्यो और आउटस्टैंडिंग ग्रॉस एनपीए में कमी से ग्रॉस एनपीए रेश्यो में सुधार आया है। आपको बता दें कि पीएसयू बैंकों का बैड लोन बढऩे की वजह से सरकार की ओर से पिछले कुछ सालों में बैंकों को दो लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की पूंजी डाली है ताकि वे अपनी बैलेंसशीट पर लॉस दिखाने के बावजूद लोन बांटे। उसके बाद भी बैंक लोन देने में आनाकानी कर रहे हैं। बैंकों ने होम लोन और कार लोन बांटना शुरू कर दिया है।

Updated on:
25 Dec 2019 10:37 am
Published on:
25 Dec 2019 10:34 am