भारत से दोस्ती के चलते सऊदी अरब ने प्रमुखता से बात रखते हुए ईरान को तेल उत्पादन बढ़ाने पर राजी किया है।
नई दिल्ली। कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाया जा रहा दबाव अब रंग दिखाने लगा है। तेल उत्पादक देशों को तेल नहीं खरीदने की भारत की धमकी के बाद ये देश झुक गए हैं। शुक्रवार को वियना में हुई तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक की बैठक में भारत का यह दबाव रंग लाया है और ओपेक देश कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार वियना में हुई बैठक में ओपेक देश रोजाना एक लाख बैरल तेल का उत्पादन बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। इससे आने वाले दिनों में कच्चे तेल के दामों में गिरावट की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो भारत में भी पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी आने के आसार हैं।
रंग लाई सऊदी अरब से दोस्ती
अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, शुक्रवार को वियना में हुई बैठक में सऊदी अरब प्रमुख तेल उत्पादक देश ईरान को तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए सहमत करने में सफल रहा है। बैठक में सऊदी के ऊर्जा मंत्री खालिद फालिह ने बड़े उपभोक्ता देशों की चिंता को ध्यान में आपूर्ति बढ़ाने की बात कही। आपको बता दें कि सऊदी अरब और ईरान एक दूसरे के धुरविरोधी हैं। लेकिन भारत से दोस्ती के चलते सऊदी अरब ने प्रमुखता से बात रखते हुए ईरान को तेल उत्पादन बढ़ाने पर राजी किया है।
अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ा रहा महंगा कच्चा तेल
भारत और चीन जैसे विकासशील देश कच्चे तेल की अपनी खपत का 80 फीसदी से ज्यादा हिस्सा आयात करते हैं। लेकिन मौजूदा समय में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतें दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ रही हैं। ओपेक देशों को ओर कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने पर सहमति से सबसे ज्यादा राहत भारत और चीन जैसे देशों को मिली है। उत्पादन बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में कमी आना तय माना जा रहा है जिससे इन देशों पर खर्च का बोझ घटेगा।