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प्याज की जमाखोरी रोकने को फुटकर कारोबारियों पर शिकंजा, अब नहीं रख सकेंगे 2 टन से ज्यादा

खुदरा कारोबारियों के प्याज की स्टॉक लिमिट पांच टन से घटाकर दो टन की पहले केंद्र ने थोक और खुदरा व्यापारियों के लिए स्टॉक लिमिट की थी 25 और 5 टन

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Dec 10, 2019
Retail traders will not be able to keep more than 2 tonnes of onions

नई दिल्ली।प्याज की जमाखोरी ( onion hoarding ) पर लगाम कसने के मकसद से केंद्र सरकार ने फिर खुदरा कारोबारियों पर और ज्यादा नकेल कस दी है। खुदरा कारोबारियों के लिए प्याज के स्टाॅक सीमा ( Onion Stock Limit for Retail Traders ) 5 से 2 टन कर दी गई है। जानकारी के अनुसार थोक और खुदरा बाजार ( Wholesale And Retail Market ) में प्याज की कीमत ( Onion price ) में काफी फर्क देखने को मिल रहा है। जहां थोक बाजार में प्याज की कीमतें 50 से 70 रुपए प्रति किलो हैं। वहीं खुदरा में दाम 100 रुपए से 150 रुपए प्रति किलो हैं। जिसकी वजह से केंद्र की ओर से यह कदम उठायाय गया है।

प्याज की स्टॉक लिमिट में कटौती
केंद्र सरकार की ओर से प्याज की स्टॉक लिमिट पांच टन से घटा कर दो टन कर दी। कोई भी खुदरा कारोबारी अब एक समय में अपने पास दो टन से प्याज प्याज नहीं रख पाएंगे। केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय द्वारा सोमवार को लिया गया यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा। एक आधारिक बयान में कहा गया कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से आग्रह किया गया है कि प्याज की जमाखोरी रोकने के लिए वे इस फैसले को सख्ती से लागू करें।

खुदरा कारोबारी ही आखिर क्यों?
इस साल पहली बार थोक और रिटेल कीमतों का अंतर 100 फीसदी से ज्यादा हो चला है और कई जगह रिटेलर भी जमाखोरी कर रहे हैं। पिछले दो तीन दिनों में खुदरा कीमत 100 को पार करते हुए 120 और 150 रुपए किलो तक हो गई हैं। जबकि सोमवार को आजादपुर मंडी में थोक भाव 50 रुपए प्रति किलो से लेकर 70 रुपए प्रति किलो पहुंच गए थे। गौरतलब है कि पिछले ही सप्ताह केंद्र सरकार ने खुदरा व थोक कारोबारियों के लिए प्याज की स्टॉक लिमिट में 50 फीसदी की कटौती करते हुए क्रमश: 5 टन और 25 टन कर दिया था।

Updated on:
10 Dec 2019 12:01 pm
Published on:
10 Dec 2019 12:00 pm
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