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रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर, एक डॉलर के मुकाबले 73.34 के पार

पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से देश की जनता पहले से ही परेशान है। सरकार को भी इसका रास्ता नहीं सूझ रहा है।

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पेट्रोल-डीजल के बाद रुपया बना मोदी सरकारी की सबसे बड़ी मुसीबत, सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला करेंसी बनी

नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से देश की जनता पहले से ही परेशान है। सरकार को भी इसका रास्ता नहीं सूझ रहा है। लेकिन अब रुपया सरकार के लिए एक और नई मुसीबत खड़ी करने जा रहा है। दरअसल डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। बुधवार को डॉलर के मुकाबले 73.34 पर है। यह रुपये का अबतक का सबसे निचला स्तर है, यानी रुपया पहली बार 73 पार गया है। इसके साथ ही यह एशिया में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी बन चुका है।

क्यों नहीं थम रही रुपए की गिरावट

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आपको बता दें कि कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के पीछे ईरान पर अमरीका की ओर से लगाए जाने वाले प्रतिबंध हैं जो लागू ही होनेवाले हैं। जिस कारण भारतीय करेंसी लगातार गिरती जा रही है। माना जा रहा है कि हालात अभी और भी प्रभावित होने वाले है। अगर यही हाल रहा है तो 2019 के चुनाव में मोदी सरकार के लिए रुपया भी एक बड़ी मुसीबत का कारण बन सकता है। वहीं दूसरी ओर देश में आयात ज्यादा और निर्यात कम होने से चालू खाते का घाटा बढ़ गया है, जिसके चलते रुपये की कमजोरी की बढ़ी है। आंकड़ों की बात करें तो देश का चालू खाता घाटा तकरीबन 18 अरब डॉलर हो गया है। जबकि जुलाई में भारत का आयात बिल 43.79 अरब डॉलर और निर्यात 25.77 अरब डॉलर रहा। दूसरी ओर, विदेशी मुद्रा का भंडार लगातार घटता जा रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार 31 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह को 1.19 अरब डॉलर घटकर 400.10 अरब डॉलर रह गया।

अमरीका की मजबूती बनी मुसीबत

रुपए में गिरावट की एक वजह है कि अमरीका की स्थिति लगातार मजबूत होती जा रही है। जिस कारण डॉलर में मजबूती बनी हुई है। अमरीकी इकोनॉमी में मजबूती आने से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल कर ले जा रहे हैं।

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Updated on:
03 Oct 2018 01:12 pm
Published on:
03 Oct 2018 12:58 pm
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