1 जुलाई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Stock Market Outlook for July: 25 में से 18 बार जुलाई में शेयर बाजार ने दिया है अच्छा रिटर्न, क्या इस बार भी आएगी तेजी?

Nifty Historical Data: 2001 से 2025 के बीच जुलाई महीने में निफ्टी का औसत रिटर्न 2.19 फीसदी रहा है। रिटर्न के लिहाज से जुलाई महीना साल का तीसरा सबसे मजबूत महीना माना जाता है।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Pawan Jayaswal

Jul 01, 2026

Stock Market Prediction

Stock Market Prediction: जुलाई में अक्सर शेयर बाजार में तेजी आई है। (PC: AI)

Share Market Return History: भारतीय शेयर बाजार के लिए जुलाई का महीना अच्छा साबित हो सकता है। अगर पिछले 25 साल का रिकॉर्ड देखा जाए तो निफ्टी ने ज्यादातर बार जुलाई में निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। पिछले महीने निफ्टी में करीब 2 फीसदी की तेजी दर्ज हुई है। ऐसे में जून की मजबूती के बाद अब बाजार को उम्मीद है कि जुलाई में भी तेजी का सिलसिला आगे बढ़ सकता है।

25 में से 18 बार आई तेजी

ब्रोकरेज फर्म SAMCO Securities के आंकड़ों के मुताबिक, 2001 से 2025 के बीच जुलाई में निफ्टी-50 ने 25 में से 18 बार बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया। यानी करीब 72 फीसदी मौकों पर निवेशकों को फायदा मिला। इस दौरान जुलाई में निफ्टी का औसत रिटर्न 2.19 फीसदी रहा। परफॉर्मेंस के लिहाज से दिसंबर और नवंबर के बाद जुलाई तीसरा सबसे मजबूत महीना रहा है।

इन फैक्टर्स ने किया बाजार को सपोर्ट

सैमको सिक्युरिटीज के इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट जहोल प्रजापति के अनुसार, जुलाई में मार्केट की मजबूती के पीछे कई वजहें रही हैं। मानसून की शुरुआत, पहली तिमाही के बेहतर नतीजों की उम्मीद और घरेलू निवेशकों की खरीदारी जैसे फैक्टर्स ने इन वर्षों में मार्केट को सपोर्ट दिया।

इस बार भी माहौल क्यों दिख रहा है बेहतर?

इस साल भी कई बड़े संकेत बाजार के पक्ष में नजर आ रहे हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने और अमेरिका-ईरान के बीच फाइनल पीस डील की उम्मीदों से कच्चे तेल की कीमतें घटकर करीब 72 डॉलर प्रति बैरल तक आ गई हैं। इससे महंगाई का दबाव कम हो सकता है और कंपनियों की लागत भी घटने की उम्मीद है। वहीं, साल की शुरुआत में उतार-चढ़ाव झेलने के बाद रुपया अब अपेक्षाकृत स्टेबल दिख रहा है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली भी पहले के मुकाबले कम हुई है। इससे बाजार में संस्थागत निवेश का माहौल मजबूत हुआ है।

जून तिमाही के नतीजों पर है बाजार की नजर

हाल के हफ्तों में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बाजार में अस्थिरता जरूर आई थी, लेकिन उससे उबरने के बाद अब निवेशकों का पूरा ध्यान कंपनियों के जून तिमाही के नतीजों पर है। जुलाई में शुरू होने वाले अर्निंग सीजन के दौरान कंपनियों की कमाई, मांग में सुधार और मुनाफे के मार्जिन पर दिए जाने वाले संकेत बाजार की अगली दिशा तय कर सकते हैं।

महीने के पहले ही दिन बाजार में तेजी

भारतीय शेयर बाजार बुधवार को बढ़त लेकर बंद हुआ है। बीएसई सेंसेक्स 0.58 फीसदी या 443 अंक बढ़कर 76,922 पर बंद हुआ है। वहीं, एनएसई निफ्टी 0.59 फीसदी या 140 अंक बढ़कर 24,005 पर बंद हुआ है।

हालांकि, सिर्फ पुराने आंकड़ों के आधार पर भविष्य की गारंटी नहीं दी जा सकती। फिर भी, इतिहास बताता है कि जुलाई ने कई बार निवेशकों को निराश नहीं किया है। अगर वैश्विक स्तर पर कोई बड़ा झटका नहीं आता, तो इस बार भी भारतीय शेयर बाजार के लिए यह महीना मजबूत साबित हो सकता है।