SEBI ने Insider Trading के नियमों में किया बदलाव प्रिफरेंशियल शेयर्स ( Preferential Shares ) के नियम भी बदले कोविड-19 के मद्देनजर लिया फैसला चीन के निवेश पर अभी भी लोगों को फैसले का इंतजार
नई दिल्ली : गुरूवार को Securities and Exchange Board of India (Sebi) ने Insider Trading पर रोक लगाने के लिए इसके नियमों में सुधार को मंजूरी दे दी। SEBI ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए हुई इस मीटिंग में securities market से कैपिटल जुटाने के नियमों में भी ढील दी है। हालांकि उम्मीद की जा रही थी कि आज की मीटिंग में चीन से आने वाले इंवेस्टमेंट को लेकर कोई बड़ा फैसला होगा, लेकिन SEBI ने फिलहाल इस मुद्दे पर कोई भी निर्णय नहीं लिया है।
सेबी ने इस बारे में आधिकारिक रूप से जानकारी देते हुए कहा कि SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के नियमों में बदलाव को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत अब संवेदनशील जानकारी, गुप्त कीमत और इन सबकी जानकारी किस-किस को है इससे सबंधित डिजीटल डेटा तैयार करने की बात कही गई है। इसके अलावा स्टॉक एक्सचेंज में फाइलिंग के लिए ऑटोमेशन और सेबी द्वारा निर्धारित ट्रांजेक्शन्स के अलावा बाकी किसी भी तरह के एक्सचेंज विंडो पर रोक लगा दी गई है।
इसके साथ ही सेबी ने Preferential Shares को अलॉट करने के नियमों में भी बदलाव किया है। इससे कंपनियों के लिए पूंजी जुटाना सान हो जाएगा। नए नियम के मुताबिक अब कंपनियां शेयर बाजार ( Share Market ) में लिस्टेड शेयरों की दो सप्ताह की औसत कीमत पर प्रीफरेंशियल इश्यु ( Preferential Shares ) जारी कर पाएंगी । अभी कंपनियों को 26 सप्ताहों की हाई-लो कीमतों की औसत कीमत पर प्रीफरेंशियल इश्यु ( Preferential issue ) करना पड़ता है। जिसकी वजह से कंपनियां लगातार नियमों में ढील देने की मांग करती थी। लेकिन ध्यान देने लायक बात ये है कि यह सुविधा सेबी ने उन्हीं प्रीफरेंशियल इश्यु को देने की घोषणा की है जो 1 जुलाई 2020 से 31 दिसंबर 2020 के दौरान जारी किए जाएंगे।