
नई दिल्ली। यहां बात अभिषेक बच्चन की फिल्म द बिग बुल की नहीं हो रही है। बल्कि शेयर बाजार ( Share Market ) के बड़े निवेशकों में से एक राकेश झुनझुनवाला ( Rakesh Jhunjhunwala ) की है। जिसकी स्क्रिप्ट खुद सेबी ( Sebi ) ही लिख रहा है। अरबपति निवेशक राकेश झुनझुनवाला पर खुद की ही कंपनी एप्टेक ( Aptech Share ) के शेयरों की इनसाइडर ट्रेडिंग ( Insider Trading ) का आरोप है। जिसके लिए सेबी की ओर से राकेश को कारण बताओ नोटिस ( Show Cause Notice ) भेजा है। एप्टेक आईटी एजुकेशन और ट्रेनिंग कंपनी ( Aptech IT Education & Training Company ) है। खास बात तो ये है कि झुनझुनवाला के पोर्टफेालियो ( Rakesh Jhunjhunwala Portfolio ) की यह इकलौती ऐसी कंपनी जिस पर झुनझुनवाला और उसके परिवार पर पूरा हक है।
इनसे भी हो रही है पूछताछ
सेबी एप्टेक इनसाइडर ट्रेडिंग मामले में झुनझुनवाला और उनके परिवार की भूमिका की जांच कर रहा है। जिसकी वजह से कंपनी के बाकी बोर्ड मेंबर्स भी शक के दायरे में है। वहीं बड़े इंवेस्टर्स में एक दमानी और डायरेक्टर मधु जयकुमार भी पूछताछ की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सेबी के नोटिस के मुताबिक एप्टेक इनसाइडर ट्रेडिंग के थ्रू जो प्रोफिट को रोकने के लिए झुनझुनवाला के बैंक अकाउंट को फ्रीज करने की योजना बनाई जा रही है। इससे पहले सेबी ने झुनझुनवाला की पत्नी रेखा, उनके भाई राजेश कुमार और सास सुशीला देवी गुप्ता से भी पूछताछ की थी। वहीं सेबी बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित ऑफिस में जाकर भी झुनझुनवाला दंपत्ति से घंटों पूछताछ कर चुका है।
आखिर क्यों हो रही है जांच
जानकारी के अनुसार सेबी फरवरी 2016 से लेकर सितंबर 2016 के बीच हुई ट्रेडिंग की जांच को शक की नजरों से देखते हुए जांच कर रहा है। सेबी को मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान ही एप्टेक में इनसाइडर ट्रेडिंग देखने को मिली है। रिपोट्र्स के अनुसार उनकी पत्नी और भाई ने ब्लॉक डील के तहत एप्टेक के 7,63,057 शेयर 7 सितंबर को खरीदे थे। जिसके बाद कंपनी के शेयरों में अपर सर्किट लगते ही कीमतें तेजी से ऊपर चली गईं और दाम 175.05 रुपए पर पहुंच गए।
कितनी है झुनझनवाला की कंपनी में शेयरिंग
आपको बता दें के एप्टेक में राकेश झुनझुनवाला की हिस्सेदारी 24.24 फीसदी है जिसकी वैल्यू 160 करोड़ रुपए है। एप्टेक में उनकी शेयर होल्डिंग्स 2005 से लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। स वक्त झुनझुनवाला ने कंपनी में 10 फीसदी हिस्सेदारी ली थी। गौरतलब है कि शेयर बाजार में इनसाइडर ट्रेडिंग को गैरकानूनी माना जाता है। इस तरह की ट्रेडिंग में कुछ लोग जिनके पास कंपनी की अंदरूनी जानकारियां होती हैं, वो उसके हिसाब से शेयर खरीदकर या बेचकर प्रॉफिट बनाते हैं। इन जानकारियों का पता आम निवेशकों को नहीं होता है।