निफ्टी 50 170.55 अंकों की बढ़त के साथ 11303.30 अंकों पर बंद सेंसेक्स 479.68 अंकों की बढ़त के साथ 38623.70 अंकों पर बंद ऑटो, बैंकिंग, फार्मा, मेटल, आईटी और ऑयल सेक्टर तेजी के साथ बंद
नई दिल्ली। शेयर बाजार में लगातार गिरावट का सिलसिला आज थम गया। बांबे स्टॉक एकचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 479.68 अंकों की बढ़त के साथ 38623.70 अंकों पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 170.55 अंकों की बढ़त के साथ 11303.30 अंकों पर बंद हुआ।
जानकारों के अनुसार देश के निवेशकों को आरबीआई का आश्वासन, ग्लोबल महाशक्तियों द्वारा सुस्ती से निपटने के लिए कुछ ऐलान की उम्मीद, कोरोना वायरस की एंटी डोट जल्द आने का ऐलान और विदेशी बाजारों के झूमने की वजह से भारतीय शेयर बाजार झूम रहा है।
ऑटो, बैंकिंग, फार्मा, मेटल, आईटी और ऑयल सेक्टर तेजी के साथ बंद हुए। वहीं वेदांता, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज, जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और टाटा स्टील के शेयरों में तेजी देखने को मिली है।
वहीं बजाज ऑटो, आईटीसी और यस बैंक के शेयरों में मामूली गिरावट देखने को मिली है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर वो कौन से चार कारण हैं, जिसकी वजह से शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली है।
आरबीआई का आश्वास
बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट के बाद रिकवरी मिलनी सोमवार से ही शुरू हो गई थी। आरबीआई ने कहा है कि अब लोगों को हल्का विश्वास बढ़ रहा है। आरबीआई ने यह भी कहा कि वह वित्तीय बाजारों के क्रमबद्ध कामकाज को सुनिश्चित करने, बाजार के विश्वास को बनाए रखने और वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाने के लिए तैयार है। केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि वह वैश्विक और घरेलू विकास की बारीकी से निगरानी कर रहा है। जिसकी वजह से शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली है।
आर्थिक महाशक्तियों से मिल रहे हैं पॉजिटिव संकेत
वहीं बाजार स्ट्रीट को लगातार दुनिया की आर्थिक महाशक्तियों से पॉजिटिव संकेत मिलते हुए दिखाई दिए। दुनिया भर के नीति निर्धारक तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के कारण आर्थिक गिरावट को कम करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। ग्रुप सेवन के हेड्स आपस में कांफ्रेंस कॉल के जरिए आपस में बातचीत करेंगे। इन देशों के वित्त मंत्रियों की आपस में बैठक भी बुलाई जा सकती है।
वहीं दुनिया के बड़े केंद्रीय बैंक भी निरंतर बातचीत कर रहे हैं। यूरोपीय सेंट्रल बैंक सोमवार को केंद्रीय बैंकों के कोरस में भी शामिल हो गया है, जो कोरोना वायरस प्रकोप से बढ़ते खतरों से निपटने की तत्परता का संकेत है। इससे पहले अमरीकी फेडरल रिजर्व के आए बयानों से साफ जाहिर हो रहा है कि वो भी कार्रवाई को तैयार है। उम्मीद की जा रही है कि फेड रिजर्व नीतिगत दरों में 60 अंकों की कटौती कर सकता है।
वैश्विक बाजारों में तेजी
वैश्विक बाजारों में भी तेजी दिखने की वजह से भी भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। अमरीकी बाजारों में 2009 के बाद सबसे बड़ी दैनिक छलांग देखी गई। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 5.09 फीसदी उछलकर 26,703.32 अंक पर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी 500 4.60 फीसदी बढ़कर 3,090.23 अंक पर पहुंचा। नैस्डैक कंपोजिट 4.49 फीसदी बढ़कर 8,952.17 पर गया। वहीं यूरोपीय बाजार भी 2 फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ खुले। जिसका असर भारतीय शेयरों में देखने को मिल रहा है।
जल्द ही कोरोना वायरस की दवा?
कोरोना वायरस के उपचार के लिए दवाओं को तैयार करने की कोशिश की जा रही है। अमरीकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने सोमवार को कहा कि इस गर्मी में कोरोना वायरस की दवा के उपलब्ध हो सकती है या फिर उसका असर कम हो सकता है। फाइजर इंक ने कहा कि उसने कुछ एंटीवायरल कंपाउंड की पहचान की है, जो कोरोना वायरस को रोकने में क्षमता रखते हैं। वहीं कुछ दवाओं का ट्रायल लगातार जारी है। ऐसे में ग्लोबल मार्केट और भारतीय शेयर बाजार को पॉजिटिव सेंटीमेंट्स मिल रहे हैं।