
नई दिल्ली। बीते चार सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई एेतिहासिक फैसले लेकर दुनियाभर में वाहवाही लूटी है। इनमें नोटबंदी, पाकिस्तान और म्यांमार में सर्जिकल स्ट्राइक, कैशलैस इंडिया, जीएसटी जैसे महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं। इन फैसलों के दम पर पीएम मोदी ने पूरी दुनिया में दिखाया है कि भारत अब कड़े फैसले लेने में भी सक्षम है। इन सभी फैसलों का श्रेय पीएम मोदी को जाता है। लेकिन शायद आप नहीं जानते होंगे कि इन फैसलों को लेने में पीएम के नवरत्नों ने अहम भूमिका निभाई है। आज हम आपको पीएम मोदी के इन नवरत्नों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके दम पर मोदी सरकार ने देश का इतिहास बदलने वाले फैसले लिए....
अजित डोभाल: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल पीएम मोदी के नवरत्नों में से सबसे खास है। पाकिस्तान में सालों तक भारत के लिए जासूसी कर चुके डोभाल आज पीएमओ में रहकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सभी मामलों पर अंतिम मुहर लगाते है। 2016 में पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने के पीछे भी अजित डोभाल का ही दिमाग बताया जाता है। इसके अलावा भारत के एशियाई देशों खासकर चीन से रिश्ते सुधारने में अजित डोभाल ने खास भूमिका निभाई है। इसके अलावा खुफिया एजेंसियों से जुड़े मामलों पर भी डोभाल की खास नजर रहती है।
नृपेंद्र मिश्रा: मौजूदा समय में नृपेंद्र मिश्रा पीएम मोदी से मुख्य सचिव हैं। मोदी सरकार की तमाम योजनाओं को देश की आम जनता तक पहुंचाने का कार्य मिश्रा के ही जिम्मे है। बताया जाता है कि नृपेंद्र मिश्रा की सेवाएं पाने के लिए पीएम मोदी ने कुछ परंपरागत नियमों को बदला है। नृपेंद्र मिश्रा के बारे में कहा जाता है कि वे छुट्टी के दिन भी काम करते हैं।
पीके मिश्रा : पीएमओ में शामिल नवरत्नों में से एक पीके मिश्रा हैं। मिश्रा पीएमओ में अतिरिक्त प्रमुख सचिव के पद पर तैनात हैं। सभी महत्वपूर्ण सरकारी उपक्रमों में लोगों की तैनाती करने के काम पीके मिश्रा ही देखते हैं। बताया जाता है कि मिश्रा की बदौलत ही पीएमओ से बाहरी और बड़े लोगों का दखल खत्म हुआ है।
शक्तिकांत दास : आर्थिक मामलों के सलाहकार शक्तिकांत दास को मोदी दरबार को पांचवां नवरत्न माना जाता है। शक्तिकांत दास विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। पीएमओ से जुड़े सूत्रों के अनुसार नोटबंदी के बाद अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में शक्तिकांत ने अहम भूमिका निभाई थी। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और करों में सुधार में भी इन्होंने अहम भूमिका निभाई है।
एस जयशंकर : विदेश सचिव के पद पर तैनात एस जयशंकर पीएम मोदी के छठे नवरत्न के रूप में जाने जाते हैं। एस जयशंकर अमरीका, चीन और रूस जैसे बड़े देशों में भारत के प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। माना जाता है कि मोदी सरकार की विदेश नीति बनाने और पुरानी नीति में बदलाव करने में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जनवरी 2018 में कार्यकाल समाप्त होने के बाद इनको सेवा विस्तार दिया गया है।
अमिताभ कांत : मोदी सरकार की ओर से योजना आयोग को समाप्त कर बनाए गए नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत को पीएम मोदी का सातवां नवरत्न माना जाता है। डिजिटल इंडिया मुहिम में अमिताभ कांत की अहम भूमिका रही है। भीम एप लाने में भी इनका अहम योगदान रहा है।
हंसमुख अधिया : राजस्व सचिव हंसमुख अधिया को मोदी सरकार में आर्थिक नवरत्न के रूप में जाना जाता है। बताया जाता है कि नोटबंदी को लेकर उठाए गए हर कदम की जानकारी अधिया को थी। मोदी सरकार में किए गए कर सुधारों में भी हंसमुख अधिया ने अहम भूमिका निभाई है।
भास्कर खुल्बे : मोदी सरकार के नौवें नवरत्न भास्कर खुल्बे पूरे देश से जिम्मेदार और ईमानदार अफसरों को खोजने का काम करते हैं। इन अफसरों को पूरी तरह से जांच-परखने के बाद खुल्बे इनको महत्वपूर्ण विभागों में तैनाती दिलाने के लिए सिफारिश करते हैं। खुल्बे को मुंबई की मिठाइयों का शौकीन भी बताया जाता है।