शेयर मार्केट बंद करने की डिमांड की खबरें मार्केट में पिछले 2 दिनों से चल रही है लेकिन क्या शेयर मार्केट बंद करने से हमारी समस्या खत्म हो जाएगी, जानने के लिए पढ़ें ये आर्टिकल
नई दिल्ली: कोरोनावायरस की वजह से देश भर में सन्नाटा सा पसरा है । सरकारी और प्राइवेट ऑफिसेज में वर्क फ्राम होम कर दिया गया है। पब्लिक प्लेस, मॉल्स और सिनेमाघरों में ताला पड़ चुका है लेकिन एक जगह है जहां हर दिन कोरोना की वजह से हंगामा सुनाई देता है। हम बात कर रहे हैं शेयर मार्केट की। लेकिन अब 30000 से नीचे पहुंच चुके बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को भी बंद करने की मांग उठ रही है । हालांकि इस बात पर आखिरी फैसला SEBI को लेना होगा ।
मार्केट बंद करना नहीं है सही कदम-
शेयर मार्केट बंद करने की मांग तो पिछले 2 दिनों से उठ रही है लेकिन मार्केट बंद होने की मांग को मार्केट एक्सपर्ट्स ने सही नहीं बताया । मार्केट एक्सपर्ट्स अंबरीश नागर का मानना है कि मार्केट बंद करने से इंडियन शेयर मार्केट की क्रेडिबिलिटी पर असर पड़ेगा। इसके साथ ही उन्होने कहा कि मार्केट को बचाने के लिए पहला कदम शॉर्ट सेलिंग बंद करना होना चाहिए ।
तो वहीं एस्कॉर्ट सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड आसिफ इकबाल से जब हमने इस बारे में बात की तो उन्होने शेयर बाजार बंद करने को अव्यवहारिक बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना था कि 'मार्केट हमारी इकोनॉमी का रिफ्लेक्शन होता है और मार्केट बंद करने से नेगेटिव मैसेज जाएगा । हम दुनिया को ऐसा संदेश देंगे कि भारत इस हालात से निपटने में सक्षम नहीं है। जो भारतीय अर्थव्यवस्था को लंबे समय के लिए प्रभावित करेगा। इसके अलावा उन्होने शार्ट सेलिंग ऑप्शन को कुछ समय के लिए प्रीवेंटिव मीजर्स के तौर पर तो ठीक माना लेकिन लॉंग टर्म के लिए ऐसा करने से बचने की जरूरत बताय़ा।'
आसिफ का कहना है कि हमें इस गिरावट को पॉजिटिविटी के साथ देखना चाहिए और कुछ दिनों में ये भी खत्म होगा।