
Aayushi Yadav Murder Case Update: चर्चित आयुषी यादव हत्याकांड में मथुरा कोर्ट ने करीब 4 साल बाद बुधवार को फैसला सुनाते हुए उसके माता-पिता नितेश यादव और ब्रजवाला को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोनों पर जुर्माना भी लगाया है। सुनवाई के दौरान आयुषी के पिता ने अपनी सफाई में कहा कि बेटी की हत्या उन्होंने की थी और उनकी पत्नी का इसमें दोष नहीं है। इसके बाद वह चुप हो गए, जबकि आयुषी की मां सिर झुकाकर खड़ी रही।
फैसला सुनाते हुए जज ने कहा कि बेटी की हत्या का अपराध अत्यंत क्रूर और वीभत्स श्रेणी में आता है। दोषियों के प्रति नरम रुख अपनाने का कोई न्यायोचित आधार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि अगर दोषियों को दंडित नहीं किया गया तो समाज में गलत संदेश जाएगा।
सरकारी वकील मुकेश गोस्वामी के मुताबिक, पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद नितेश यादव और ब्रजवाला के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने गवाहों के बयान और मामले से जुड़े सबूत कोर्ट के सामने रखे। इन्हीं के आधार पर कोर्ट ने दोनों को दोषी माना और सजा सुनाई। नितेश यादव पर 7 हजार रुपये और ब्रजवाला पर 6 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
आयुषी की करीब चार साल पहले दिल्ली स्थित घर में उसके पिता नितेश यादव ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर हत्या कर दी थी। बताया गया कि आयुषी ने राजस्थान के रहने वाले युवक से परिवार की इच्छा के खिलाफ प्रेम विवाह किया था। हत्या के बाद उसके शव को लाल रंग के सूटकेस में रखकर दिल्ली से करीब 150 किलोमीटर दूर मथुरा के पास यमुना एक्सप्रेस-वे पर फेंक दिया गया था।
आयुषी दिल्ली के बदरपुर इलाके की रहने वाली थी। साल 2022 में वह ग्लोबल कॉलेज से BCA की पढ़ाई कर रही थी। उसने NEET परीक्षा पास की थी, लेकिन काउंसलिंग में शामिल नहीं हुई थी। उसके माता-पिता ने उसे काउंसलिंग में शामिल होने के लिए समझाया था, लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हुई। इसी दौरान आयुषी ने राजस्थान के भरतपुर निवासी छत्रपाल राजपूत से आर्य समाज मंदिर में चुपचाप शादी कर ली थी। उसके माता-पिता इस शादी के पक्ष में नहीं थे।
पुलिस पूछताछ में पिता ने बताया था कि आयुषी उनकी बातों का विरोध करने लगी थी। 17 नवंबर 2022 की दोपहर आयुषी का अपनी मां से झगड़ा हुआ था। इसकी जानकारी मिलने पर पिता ने उसे समझाने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, जब आयुषी नहीं मानी तो पिता ने गुस्से में लाइसेंसी रिवॉल्वर से उस पर गोली चला दी। गोली लगने के बाद आयुषी की मौके पर ही मौत हो गई।
बेटी की हत्या के बाद नितेश और ब्रजवाला घबरा गए। इसके बाद उन्होंने शव को ठिकाने लगाने की तैयारी शुरू की। आरोपी पिता घर के पास की दुकान से पॉलिथीन लेकर आए और दोपहर में शव को सूटकेस में पैक किया। देर रात करीब 3 बजे सूटकेस को कार में रखा गया। 18 नवंबर की सुबह करीब 5 बजे दिल्ली के बदरपुर से करीब 150 किलोमीटर दूर मथुरा के पास यमुना एक्सप्रेस-वे वह पहुंचे। सुनसान जगह देखकर सूटकेस वहां फेंक दिया गया। इसके बाद दिल्ली लौट गए।
18 नवंबर की दोपहर करीब 2 बजे एक राहगीर की नजर सूटकेस पर पड़ी। उसने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने सूटकेस खोला तो उसमें एक युवती का शव मिला। पुलिस के अनुसार, युवती ने काले रंग की हाफ पैंट और स्लेटी रंग की हाफ बाजू की टी-शर्ट पहन रखी थी। टी-शर्ट पर 'Lady Days' लिखा था। शरीर पर कई जगह चोट के निशान भी मिले थे।
युवती की पहचान के लिए पुलिस ने 100 पुलिसकर्मियों की 14 टीमें बनाई थीं। घटनास्थल से लेकर टोल प्लाजा तक करीब 300 CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई। इसके बावजूद शुरुआती दौर में युवती की पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि बदरपुर के मोड़बंद इलाके की रहने वाली आयुषी नाम की एक लड़की दो दिन से लापता है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम आयुषी के घर पहुंची। पुलिस उसकी मां ब्रजवाला और भाई आयुष को मथुरा के पोस्टमॉर्टम हाउस लेकर आई। दोनों ने शव की पहचान आयुषी के रूप में की थी। शव की पहचान करने के बाद मां और भाई एक-दूसरे के गले लगकर फूट-फूटकर रोए थे।
मामले में यह माना गया कि आयुषी के जिस प्रेमी से उसने शादी की थी, उसी ने पुलिस को उसके लापता होने की जानकारी दी थी। हालांकि, पुलिस ने कभी आधिकारिक तौर पर इसका खुलासा नहीं किया।
पुलिस जांच के बाद नितेश यादव और ब्रजवाला के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की ओर से गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य पेश किए गए। अब करीब चार साल बाद मथुरा कोर्ट ने दोनों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।