जन्माष्टमी के दिन बांके बिहारी मंदिर में जो हादसा हुआ था, उसकी जांच के लिए अलीगढ़ के मंडलायुक्त गौरव दयाल गुरुवार को भगवान बांके बिहारी मंदिर पहुंचे और यहां उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं को जाना।
वृंदावन में जन्माष्टमी की रात भगवान बांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती के समय हुए दर्दनाक हादसे से पूरा शहर सहम गया। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया था। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी के आदेश पर जांच कमेटी का गठन हुआ। कमेटी को 15 दिन में जांच रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। इसी कडी़ में कमेटी के अध्यक्ष पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह पिछले कई दिनों से मथुरा में डेरा जमाए हुए हैं और बांके बिहारी मंदिर के आसपास के क्षेत्र में लोगों से बात कर साक्ष्य एकत्रित कर रहे हैं। वहीं अलीगढ़ के मंडलायुक्त गौरव दयाल भी गुरुवार को भगवान बांके बिहारी मंदिर पहुंचे और यहां उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं को जाना।
मंदिर में हुए हादसे की जांच को पहुंचे मंडलायुक्त
मीडिया से बात करते हुए अलीगढ़ मंडल आयुक्त गौरव दयाल ने बताया कि जन्माष्टमी के दिन बांके बिहारी मंदिर में जो हादसा हुआ था, वह उसकी जांच करने के लिए आए हैं। बांके बिहारी मंदिर में क्या व्यवस्थाएं हैं, उनको भी देखा है। व्यवस्था की दृष्टि से यहां क्या क्या परिवर्तन किए जा सकते हैं उसके बारे में मंदिर कमेटी से भी चर्चा की गई है। जो भी अव्यवस्था मिली है उसकी जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री जी को भेज दी जाएगी।
पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने किया गोपनीय निरीक्षण
गौरतलब है कि दो दिन पूर्व पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने भी बांके बिहारी मंदिर के आस पास के लोगों से बात की थी। यहां की व्यवस्थाओं के बारे में भी पूर्व डीजीपी ने जाना था। पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह के द्वारा किए गए गोपनीय निरीक्षण से अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। डीजीपी ने मंदिर और व्यवस्थाओं से जुड़े साक्ष्य एकत्रित किये थे। एक वीडियो मथुरा के एसएसपी और नगरायुक्त का भी वीडियो वायरल हुआ था। जन्माष्टमी के समय का बताया गया था। उस वीडियो में एसएसपी मथुरा अभिषेक यादव और नगरायुक्त अनुनय झा जहां वीडियो बना रहे थे तो वहीं डीएम नवनीत चहल उनके पास खड़े होकर बातें कर रहे थे।