मथुरा

‘राम अमीरों के और शिव गरीबों के भगवान’, तेलंगाना CM के बयान पर भड़के बाबा रामदेव, दिया करारा जवाब

Baba Ramdev Statement: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयान पर योग गुरु बाबा रामदेव ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने देवी देवताओं को अमीर और गरीब में बांटने वालों को सनातन विरोधी बताया है।
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Sep 30, 2026
Baba Ramdev
Baba Ramdev (Photo-ANI)

Baba Ramdev Statement on CM Revanth Reddy: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के भगवान राम और भगवान शिव को लेकर दिए गए बयान पर योग गुरु बाबा रामदेव ने प्रतिक्रिया दी है। रामदेव ने कहा है कि सनातन धर्म युगों से है और हमेशा रहेगा। बाबा रामदेव ने कहा कि कुछ लोगों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए जाति, वर्ग और समुदाय के आधार पर सनातन धर्म में फूट डालने का काम किया है। रेवंत रेड्डी ने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान उत्तर और दक्षिण भारत की धार्मिक और राजनीतिक विचारधारा का जिक्र किया था। साथ ही उन्होंने बीजेपी पर भगवान राम को राजनीतिक प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था।

सनातन में फूट डालने की कोशिश- बाबा रामदेव

रेवंत रेड्डी के इसी बयान पर बाबा रामदेव ने कहा कि कुछ लोगों ने जाति, वर्ग और समुदाय के आधार पर सनातन में भेद पैदा करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि अब यह दावा किया जा रहा है कि राम अमीरों के देवता हैं और शिव गरीबों के देवता हैं। योग गुरु ने स्पष्ट किया कि हमारे देवी-देवताओं में कोई भी अंतर नहीं है। राम, कृष्ण, हनुमान, शिव, उमा महेश्वर, लक्ष्मी नारायण, सीता राम, राधा कृष्ण या रुक्मिणी कृष्ण, इन सभी में कोई भेद नहीं है।

‘भगवान के नाम पर भ्रम न फैलाएं’

बाबा रामदेव ने कहा कि सनातन युगों से मौजूद है और आने वाले युगों तक भी रहेगा। अपने बयान के अंत में बाबा रामदेव ने सभी राजनेताओं और लोगों से अपील करते हुए कहा कि, "कम से कम भगवान के नाम पर तो समाज में भ्रम नहीं फैलाना चाहिए। भगवान सबके हैं और उन्हें अमीर या गरीब में बांटकर देखना बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि जो लोग ऐसी बांटने वाली सोच रखते हैं, वे पूरी तरह से सनातन धर्म के विरोधी हैं।"

रेवंत रेड्डी ने क्या कहा था

रेवंत रेड्डी ने अपने बयान में कहा था कि, "दक्षिण भारत में लोग भगवान शिव को मानते हैं, जबकि उत्तर भारत में भगवान राम की भक्ति की जाती है। उन्होंने खुद को द्रविड़ और उत्तर भारत के लोगों को आर्य बताते हुए धार्मिक पहचान का जिक्र किया था। उन्होंने सवाल किया था कि BJP और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंचों से ‘जय श्री राम’ का नारा तो सुनाई देता है, लेकिन ‘हर हर महादेव’ का नारा क्यों नहीं लगाया जाता। जब हम ‘हर हर महादेव’ कहते हैं, तो उन्हें यह पसंद नहीं आता।"

उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। बीजेपी नेताओं ने रेवंत रेड्डी पर भगवान राम और शिव को उत्तर और दक्षिण के आधार पर बांटने का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस की ओर से कहा गया कि रेवंत रेड्डी का बयान भगवान राम के राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर था।