
RSS के 100 वर्ष पूरे गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर हजारों स्वयंसेवकों ने निकाली भव्य यात्रा (PC: IANS)
RSS Centenary Celebration: उत्तर प्रदेश में मथुरा के पवित्र तीर्थस्थल गोवर्धन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भव्य और विशाल पथ संचलन का आयोजन किया। हजारों स्वयंसेवकों ने RSS के शताब्दी वर्ष के समापन के मौके पर ब्रज प्रांत के गोवर्धन में पथ संचलन किया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर और घरों की छतों से लोगों ने फूल बरसाकर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ास्थली गोवर्धन में आयोजित इस कार्यक्रम में ब्रज प्रांत के अलग-अलग क्षेत्रों से आए स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया।
करीब 12 किलोमीटर लंबे गिरिराज परिक्रमा मार्ग पर निकले इस संचलन में संघ के घोष दल ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों से माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। पथ संचलन गोवर्धन के प्रमुख मार्गों और परिक्रमा मार्ग से होकर गुजरा। इस दौरान 'जय श्री राम' और देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंज उठा।
आरएसएस के शताब्दी वर्ष समारोह को लेकर स्वयंसेवक महावीर ने बताया कि संघ अपने 100 वर्ष पूरे कर रहा है और इसी उपलक्ष्य में हम यह शताब्दी वर्ष मना रहे हैं। इस विशेष वर्ष के दौरान कई बड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इन आयोजनों की शुरुआत पिछले साल विजयादशमी के दिन से हुई थी जिसके तहत हिंदू सम्मेलन और घर-घर संपर्क अभियान जैसे कई प्रमुख कार्यक्रम चलाए गए।
स्वयंसेवक महावीर ने कहा कि अब इस शताब्दी वर्ष का समापन हमारे ब्रज प्रांत में भगवान कृष्ण की पावन क्रीड़ास्थली गोवर्धन में किया जा रहा है। इस समापन समारोह में ब्रज प्रांत के घोष वादकों ने एक भव्य संचलन निकाला। इस घोष दल में कई अनुभवी वादक शामिल हैं जिन्हें संघ की कई पुरानी और विशेष रचनाएं याद हैं। बता दें कि इस विशाल आयोजन में ब्रज प्रांत के विभिन्न विभागों और जिलों से स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस पथ संचलन में मुख्य रूप से मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, आगरा, अलीगढ़, बरेली, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज, हाथरस, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत समेत कई अन्य क्षेत्रों के स्वयंसेवक शामिल रहे।
पथ संचलन के दौरान गोवर्धन में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। सड़क के किनारे खड़े लोगों और घरों की छतों से श्रद्धालुओं ने स्वयंसेवकों पर फूल बरसाए। बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की भागीदारी के चलते कार्यक्रम में लोगों की भीड़ जुटी रही। संघ के शताब्दी वर्ष के तहत देशभर में अलग अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
Updated on:
25 Oct 2026, 3:52 PM IST
Published on:
25 Oct 2026, 3:20 PM IST
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