Banke Bihari Mandir Dispute : उच्च न्यायालय इलाहाबाद के फैसले पर खुशी, आराम से दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु
मथुरा। वृंदावन स्थित बाँके बिहारी मंदिर में अब भगवान बाँके बिहारी सुबह के समय भी फूल बंगलों में विराजेंगे । इसके साथ ही शाम के समय होने वाले उत्सव अब सुबह के समय भी होंगे। यह आदेश Allahabad High Court के मुख्य न्यायाधीश ने 2003 में दायर एक याचिका को खारिज करते हुए दिए है। इस आदेश के बाद राजभोग सेवा करने वाले पुजारियों में खुशी की लहर है।
ये है मामला
विश्व प्रसिद्ध banke bihari mandir में अभी तक शाम को ही फूल बंगले बनते थे। इसके अलावा हरियाली तीज पर्व, शरद पूर्णिमा, होली जैसे पर्वों पर शाम को ही जगमोहन में बैठ कर श्रद्धालुओं को दर्शन देते थे। इस व्यवस्था को बदलकर अब हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि इन पर्वों पर सुबह भी बिहारी जी जगमोहन में दर्शन देंगे। उच्च न्यायालय ने यह आदेश 2003 में दायर गौरव गोस्वामी की याचिका को खारिज करते हुए दिए हैं। हरियाली तीज, शरद पूर्णिमा, होली और फूल बंगलों के समय बिहारी जी गर्भगृह से बाहर जगमोहन में विराज कर शाम को ही दर्शन देते थे। इस आदेश के बाद अब सुबह के समय भी इन दिनों में जगमोहन में विराजकर भक्तों को दर्शन देंगे।
क्या होगा लाभ
बदली गयी इस व्यवस्था के बारे में जब परम्परा को लेकर राजभोग पूजा करने वाले पुजारियों से बात की तो उन्होंने कहा कि इस तरह की कोई परम्परा नहीं थी और न है। ये केवल बाहुबल के आधार पर परम्परा शब्द का निर्माण कर दिया गया था। इस आदेश के बाद राजभोग सेवा करने वाले गोस्वामियों में हर्ष की लहर है। उनके अनुसार इस आदेश के बाद मन्दिर दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी । माना जा रहा है कि उच्च न्यायालय के इस आदेश के बाद जहां श्रद्धालुओं को दर्शन करने में आसानी होगी वहीं पर्वों पर होने वाली भीड़ भी नियंत्रित की जा सकेगी। अधिवक्ता Allahabad High Court आशुतोष गुप्ता ने बताया कि न्यायालय ने गौरव गोस्वामी की याचिका जो कि 15531/ 2003, जिसमें गौरव गोस्वामी ने सिविल जज जूनियर डिवीजन के 23-12-2003 के आदेश को चेलेंज किया था, उस पिटीशन को उच्च न्यायालय ने 2 अगस्त 2018 को खारिज कर दिया है।
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न्यायालय के फैसले पर खुशी
बांके बिहारी मंदिर के सेवायत गोस्वामी बालकृष्ण ने बताया कि हमें बेहद खुशी है कि न्यायालय ने हमारे मन की इच्छा पूरी कर दी। अब यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आराम से दर्शन हो सकेंगे। यह एक अच्छा फैसला न्यायालय ने सुनाया है। इस फैसले से बेहद खुशी है ।
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