-सफाई कार्य को निजी हाथों में सौंपे जाने का विरोध कर रहे हैं सफाई कर्मचारी संगठन
मथुरा। प्रदेश के 27 जिलों में सफाई व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपे जाने के सरकार के फैसले का सफाई कर्मचारी संगठनों ने विरोध किया है। संगठनों ने इसे तानाशाही मजदूर विरोधी फैसला बताया है। प्रदेश सरकार ने 27 जिलों में सफाईकार्य का निजीकरण किये जाने के विरोध में सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर नारेबाजी कर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा।
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मथुरा के सफाई कर्मचारी संगठनों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रुप से इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। संगठनों का कहना था कि सरकार दलितों व गरीब मजदूरों से स्थायी रोजगार के अवसर नहीं छीन सकती। सरकार सफाई कार्य निजीकरण के फैसले को वापस ले।
इस दौरान श्याम मुरारी चैहान, विनेश सनवाल वाल्मीकि, डा. एसपी सिंह, वरुण वाल्मीकि, सुरेश चंद्र चैहान, कामरेड उत्तम चंद्र सहजना, बंटी चैटेला, ओम प्रकाश प्रधान, दयाल खरे, दिनेश खरे, राजकुमार चैहान, बबलू कश्यप, राहुल चैहान, नीरज वाल्मीकि, तोता बालमीकि, निखिल सनवाल, वीरू मेहरा, बबली वाल्मीकि, राजेश वाल्मीकि, राजू बोदन आदि मौजूद थे।