Mathura News: नए साल 2026 की शुरुआत उत्तर प्रदेश में आस्था और उत्सव के संगम के साथ हुई। वृंदावन, अयोध्या, काशी और मथुरा में मंदिरों के बाहर लंबी कतारें लगीं, गंगा-यमुना में श्रद्धालुओं ने स्नान किया और संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन को हजारों भक्त जुटे।
Darshan Premanandji banks Yamuna: नए साल 2026 की शुरुआत उत्तर प्रदेश में भक्ति, श्रद्धा और उत्सव के संगम के साथ हुई है। देर रात तक होटल, क्लब, मॉल और रेस्टोरेंट में जश्न चलता रहा, वहीं सुबह होते ही श्रद्धालु मंदिरों की ओर उमड़ पड़े। वृंदावन, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज और मथुरा में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। ठंड और कोहरे के बावजूद लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।
वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज ने नए साल के अवसर पर यमुना किनारे सौभरि वन में भक्तों को दर्शन दिए। महाराज की एक झलक पाने के लिए करीब 50 हजार से अधिक श्रद्धालु यमुना तट पर जुटे। भक्तों ने यमुना किनारे फूल बिछाकर संत का स्वागत किया। वहीं बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की एक किलोमीटर से अधिक लंबी कतार लग गई, जिससे श्रद्धालुओं को करीब 3 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा।
अयोध्या में राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में नए साल की सुबह से ही भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रशासन के अनुसार सुबह 11 बजे तक करीब 2 लाख श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर चुके थे। वहीं वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर में आधी रात से ही भक्तों की करीब 2 किलोमीटर लंबी लाइन लगी रही। कड़ाके की ठंड के बावजूद बाबा विश्वनाथ के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह देखने को मिला।
प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या और मथुरा में श्रद्धालुओं ने गंगा और यमुना में आस्था की डुबकी लगाकर नए साल का स्वागत किया। मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी के दरबार में भी लाखों श्रद्धालु पहुंचे। मंदिरों के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और प्रशासन लगातार भीड़ प्रबंधन में जुटा रहा।