
Mathura Crime News: यूपी के मथुरा जिले में साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े ठगी के गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गैंग डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर लाखों-करोड़ों रुपये ठगता था। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक मुख्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
डिजिटल अरेस्ट एक नई तरह की ऑनलाइन ठगी है। ठग खुद को पुलिस, सीबीआई या अन्य बड़े अधिकारी बताते हैं। वे फोन या वीडियो कॉल पर कहते हैं कि आपका आधार कार्ड या बैंक खाता किसी गलत काम में इस्तेमाल हो रहा है, जैसे आतंकवाद या मनी लॉन्ड्रिंग। डर दिखाकर वे कहते हैं कि आपको घर से बाहर नहीं निकलना है, वरना गिरफ्तार हो जाएंगे। इस दौरान वे आपके बैंक खाते की डिटेल्स मांगते हैं और पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं। पीड़ित को लगता है कि वह जांच में सहयोग कर रहा है।
दिसंबर 2025 में मथुरा की एक बुजुर्ग महिला को ठगों ने फोन किया। वे हांगकांग नंबर से कॉल करके खुद को सीबीआई क्राइम ब्रांच अधिकारी बताते थे। उन्होंने महिला को बताया कि उनका आधार हैक हो गया है और बैंक खाते से गलत काम हो रहे हैं। साथ ही उनके लंदन में रहने वाले बेटे को इंटरपोल गिरफ्तार कर सकता है। डर के मारे महिला कई दिनों तक घर में रहीं और ठगों के कहने पर अपने खातों से कुल 2 करोड़ 4 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। महिला ने जब शिकायत की तो मथुरा साइबर क्राइम थाने ने जांच शुरू की। पुलिस ने कई दिनों की मेहनत के बाद गिरोह के सदस्यों को ट्रैक किया। 22 जनवरी 2026 को रिफाइनरी क्षेत्र के पास बरेली हाईवे से 5 आरोपियों को पकड़ा गया। इनमें 4 पुरुष और 1 महिला शामिल है।
आरोपियों के पास से पुलिस ने बहुत सारा सामान बरामद किया है। इसमें शामिल हैं:-
9 मोबाइल फोन और SIM कार्ड
9 एटीएम कार्ड
12 बैंक पासबुक
आधार कार्ड, PAN कार्ड और अन्य दस्तावेज
पुलिस ने महिला के खाते से 46 लाख रुपये होल्ड करवा लिए हैं। SP क्राइम अवनीश मिश्रा ने बताया कि कोशिश की जा रही है कि पीड़ित महिला के सारे पैसे वापस मिल जाएं। फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार करने का वादा किया है।
यह घटना बताती है कि साइबर ठग कितने चालाक हो गए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान कॉल पर बैंक डिटेल्स या OTP न दें। पुलिस या सरकारी अधिकारी कभी फोन पर पैसे मांगते नहीं हैं। शक होने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।