दुनियाभर में पाकिस्तान अक्सर कश्मीर को लेकर तरह तरह की बातें करते हुए मुद्दे को उठाता है, लेकिन हर बार भारत से उसे मुंह की खानी पड़ती है। वहीं बलूचिस्तान को लेकर विश्व भर में पाकिस्तान की खिंचाई अक्सर होती रहती है लेकिन पाकिस्तान अक्सर इस पर बचता रहता है। ये बातें बलूचिस्तान की नेता और निर्वासित प्रधानमंत्री डॉ. नायला कादरी ने अपने मथुरा दौरे पर कहीं। उन्होने कहा कि, भारत को बलोच की आज़ादी के लिए खुलकर सामने आना चाहिए।
Balochistan PM Dr Nayala Qadari in Mathura डॉ नायला कादरी ने उत्तर प्रदेश में कृष्ण की नगरी मथुरा में दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होने कहा कि, हमारे लोग प्रधानमंत्री मोदी को हीरो मानते हैं, इसलिए मैं नरेंद्र मोदी से बलूचिस्तान की आजादी के लिए जुड़ने की अपील करती हूं.'
डॉ नायला ने मथुरा में नंदगांव, बरसाना मंदिर, और गोवर्धन दर्शन किए। जहां अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष राजश्री चौधरी ने उनका भव्य स्वागत किया. बलूचिस्तान की निर्वासित प्रधानमंत्री डॉ. नायला कादरी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि 'अगर भारत, बांग्लादेश, भूटान को अमन चैन शांति चाहिए तो बलूचिस्तान को आतंकवाद से आजाद कराना होगा.
बलूचिस्तान की आज़ादी के लिए भारत को सामने आना चाहिए
बलूचिस्तान की नवनिर्वासित प्रधानमंत्री डॉ नायला कादरी ने कहा कि, आतंकवाद की फैक्ट्री पाकिस्तान को खत्म करना होगा.' उन्होंने कहा कि 'अगर आज बलूचिस्तान इस आतंकवाद का शिकार हैं। जिन्ना के साथ-साथ भारत के पुराने नेता भी शामिल हैं.
बलूचिस्तान की नवनिर्वासित पीएम डॉ नायला कादरी ने कहा कि, कुछ लोगों ने जिन्ना का साथ देकर बलूचिस्तान पर हमला करवाया और जोर जबरदस्ती करके बलूचिस्तान को पाकिस्तान का हिस्सा बनवा दिया. लेकिन अब वक़्त है बलूचिस्तान की आज़ादी का और इसके लिए हम तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि बलूच 700 साल से एक मुल्क था. हमारे लिए गर्व की बात है कि बचपन से नेताजी सुभाष चंद्र को हीरो समझते हैं. दुनिया में कहीं भी फ्रीडम फाइटर की बात होती है तो सबसे पहले सुभाष चंद्र बोस जी को याद किया जाता है.'
'बलूचिस्तान की आजादी के लिए भारत के लोगों को सहयोग करना चाहिए, क्योंकि बलूचिस्तान में इस वक्त जो हालत है बहुत ही खतरनाक है. अगर पाकिस्तान का खूंखार चेहरा देखना है तो बलूचिस्तान में देख सकते हैं.' आज पाकिस्तान देश दुनिया के लिए आतंकवाद के कैंसर के रूप में फैला रहा है. इसका शिकार केवल बलूच नहीं बल्कि भारत भी है.