Jain Sage Walking tour of 25 countries, Saint Premanand Maharaj विश्व भ्रमण पर निकले जैन मुनियों ने आज संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की और यात्रा के विषय में जानकारी दी। उन्होंने विश्व शांति के लिए संत प्रेमानंद महाराज से संदेश प्राप्त किया।
Jain Sage Walking tour 25 Countries-Saint Premanand Maharaj मथुरा वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए जैन मुनि आए जो 25 देश की पैदल यात्रा के लिए निकले हैं। इस दौरान 25000 किलोमीटर की यात्रा होगी। एकांतिक वार्ता के दौरान हुई बातचीत का विषय 'विश्व शांति' था। जैन मुनियों ने बताया कि वे 25 देश की पैदल यात्रा पर निकले हैं। इस दौरान किसी साधन का प्रयोग नहीं किया जाएगा। इस पर संत प्रेमानंद महाराज ने जैन मुनियों को सत्य संकल्प वाला बताया। बोले आपके दर्शन से पापों का नाश हो जाएगा।
उत्तर प्रदेश के मथुरा के वृंदावन पहुंचे जैन मुनियों ने संत परमानंद महाराज से मुलाकात की। विश्व शांति के लिए जैन मुनि 25000 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकले हैं। इस दौरान 25 देशों से भी गुजरेंगे। यह यात्रा पूरी तरह पैदल होगी। इसमें जहाज या कोई किसी अन्य साधन का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। जैन मुनियों ने बताया कि यह सनातन संदेश विश्व शांति को लेकर हो रहा है। "आप विश्व शांति का काम पहले से ही कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि आप हमें विश्व शांति का संदेश दें जिसे हम लेकर आगे बढ़ें।"
इस मौके पर जैन मुनियों ने कहा कि हमारी यात्रा 25 देशों की यात्रा है। की बोगी भारत से नेपाल, चीन, कजाकिस्तान होते हुए पोलैंड से यूरोप में प्रवेश करेगी। इस दौरान ना तो पानी वाले जहाज का इस्तेमाल किया जाएगा और ना ही किसी वाहन का। यह यात्रा 8 से 10 साल में पूरी होगी।
संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि आप मुनि गण सत्य संकल्प वाले हैं। आपके दर्शन मात्र से विश्व शांति होगी। जो व्यक्ति परोपकार के लिए निकलता है, उसमें इतनी परम पवित्रता इसी संकल्प से आ जाती है। आपके दर्शन से पापों का नाश हो जाता है। मुनि जनों के दर्शन से विवेक का जागरण होता है। यदि किसी को संतों की संगति और सेवा मिल जाए तो सदाचार की प्राप्ति हो जाती है।
संत प्रेमानंद महाराज ने लोगों से अपील की कि आप लोग राग, द्वेष, व्यसन, व्यभिचार को त्याग कर हमारे भारतीय संतों का संग करेंगे। आपका जीवन परम मंगलमय होगा। हम संतों का उद्देश्य यही है। आनंद व्यसन में नहीं, आनंद तो स्व आत्मा परमात्मा में है।