मथुरा

7 साल बाद जीजा की होगी गिरफ्तारी, कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट, साली का अपहरण करने का आरोप

मथुरा के 2018 नाबालिग अपहरण मामले में फरार आरोपी राम कुमार सोनी पर अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किया है।
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Apr 10, 2026
Court orders
फाइल फोटो: पत्रिका

Mathura Crime News: मथुरा जिले में एक सात साल पुराना नाबालिग अपहरण का मामला फिर से चर्चा में आ गया है। अदालत ने फरार आरोपी पर सख्त कार्रवाई करते हुए उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है। यह घटना साल 2018 की है। एक पिता ने अपनी 14 वर्षीय बेटी के अपहरण का आरोप अपने ही दामाद पर लगाया था। थाना लोहामंडी में 23 दिसंबर 2018 को इस मुकदमे की शिकायत दर्ज की गई थी। आरोपी का नाम राम कुमार सोनी है, जो मथुरा के राया इलाके के कटरा बाजार का निवासी है। वह जगदीश प्रसाद का बेटा है।

आरोपी अदालत से क्यों बच रहा था?

मामले की सुनवाई पिछले कई सालों से चल रही है। लेकिन आरोपी राम कुमार सोनी लगातार अदालत में पेश नहीं हो रहा था। वह सुनवाई की तारीखों पर गायब रहता था। इस वजह से न्याय की प्रक्रिया रुक रही थी। ससुराल पक्ष के अधिवक्ता शैलेन्द्र सिंह ने अदालत से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि आरोपी जानबूझकर अदालत से बच रहा है और न्याय को टाल रहा है।

कोर्ट ने क्या फैसला दिया?

अपर जिला जज-19 लोकेश कुमार ने आरोपी की गैरहाजिरी को बहुत गंभीर माना। अदालत ने आरोपी राम कुमार सोनी के खिलाफ फरारी की उद्घोषणा (प्रोक्लेमेशन) और गैर-जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने थाना लोहामंडी पुलिस को साफ निर्देश दिए हैं कि आरोपी के घर पर मुनादी (घोषणा) कराई जाए। मुनादी का पूरा वीडियो रिकॉर्ड किया जाए। इसकी अनुपालन रिपोर्ट अदालत में पेश की जाए। पुलिस को यह भी आदेश दिया गया है कि वारंट की कार्रवाई तेजी से पूरी करें और आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर अदालत के सामने पेश करें।

जमानतदार पर भी कार्रवाई

अदालत ने आरोपी के जमानतदार राजेंद्र के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसकी जिम्मेदारी थाना राया पुलिस को सौंपी गई है। अगर जमानतदार आरोपी को पेश नहीं कर पाता तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

पीड़िता परिवार की शिकायत

पीड़िता की मां ने थाना लोहामंडी में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने अपने ही दामाद राम कुमार सोनी पर अपनी नाबालिग बेटी को अगवा करने का आरोप लगाया था। उस समय लड़की मात्र 14 साल की थी। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी न्यायिक प्रक्रिया से बचता रहा। सात साल बीत जाने के बावजूद वह अदालत में नहीं आया। अब अदालत के सख्त रुख के बाद पुलिस की गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है।

क्या होगा आगे?

अदालत ने साफ संदेश दिया है कि कोई भी आरोपी कानून से ऊपर नहीं है। अगर आरोपी फरार रहता है तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। आसपास के इलाकों में छानबीन की जा रही है।

Updated on:
10 Apr 2026 07:43 am
Published on:
10 Apr 2026 07:43 am