
Govardhan Mudiya Purnima Mela 2026: ब्रज की पावन धरा गोवर्धन गिरिराज धाम गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भक्ति और आस्था का अनुपम केंद्र बन गया है। मुड़िया पूनों के नाम से प्रसिद्ध इस पर्व पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचे हैं। भक्त गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय (लगभग 21 किलोमीटर) परिक्रमा कर रहे हैं। पूरा परिक्रमा मार्ग हरिनाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन और जयकारों से गूंज रहा है।
धार्मिक इतिहास के अनुसार, यह परंपरा लगभग 470 वर्ष पुरानी है। चैतन्य महाप्रभु संप्रदाय के संत सनातन गोस्वामी ने बंगाल के राजा हुसैन शाह के दरबार में उच्च पद त्यागकर ब्रजवास स्वीकार किया था। वे प्रतिदिन वृंदावन से पैदल गोवर्धन आते, मानसी गंगा में स्नान करते और गिरिराज की कठिन परिक्रमा लगाते थे। वर्ष 1558 में आषाढ़ पूर्णिमा को संत सनातन गोस्वामी ने महासमाधि ली। उनके शिष्यों ने गहरे शोक में सिर मुंडवा लिए। उसी घटना की याद में गुरु पूर्णिमा को गोवर्धन में 'मुड़िया पूनों' या 'मुड़िया पूर्णिमा' कहा जाता है।
इस वर्ष गोवर्धन के प्राचीन श्री श्याम सुंदर मंदिर परिसर में मुड़िया संतों ने पारंपरिक मुंडन संस्कार कराया। मुंडन के बाद 'राधे-राधे' के जयघोष और हरिनाम संकीर्तन के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। संतों ने गिरिराज महाराज की परिक्रमा कर गुरु-शिष्य परंपरा को नमन किया। यह दृश्य गुरु-भक्ति का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
मेले के दौरान परिक्रमा मार्ग और आसपास कई सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा बड़े पैमाने पर भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। पंडित अनुराग गौड़ सहित कई लोग इसमें सहयोग कर रहे है। श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन, शुद्ध पेयजल, छाछ और शरबत परोसा जा रहा है। परिक्रमा मार्ग पर अस्थायी जूता स्टैंड लगाए गए हैं। गिरिराज महाराज को चढ़ाए जाने वाले प्रसाद चिरवा और चनौरी की दुकानों पर सुबह से भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।
जिला प्रशासन ने मेले को सुगम बनाने के लिए व्यापक तैयारी की है। परिक्रमा मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी, स्वास्थ्य विभाग की टीमें और सफाई कर्मी तैनात किए गए हैं। पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। किसी भी असुविधा को तुरंत दूर करने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीमें भी सक्रिय हैं।
मुड़िया मेले के कारण मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीमें डॉग स्क्वायड व बम निरोधक दस्ते के साथ सघन चेकिंग अभियान चला रही हैं। स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय और सभी द्वारों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। यात्रियों के सामान की गहन तलाशी ली जा रही है।
रेलवे पुलिस लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं से धैर्य रखने और ट्रेन में चढ़ते-उतरते समय धक्का-मुक्की न करने की अपील कर रही है। मेले की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने छह स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। स्टेशन पर चिकित्सा शिविर, पेयजल व्यवस्था और अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की गई है।