
Kashi Vishwanath Temple
Varanasi News: द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए सावन में देशभर से लगभग एक करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इनमें पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिला कांवड़िया भी शामिल होती हैं। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सम्मान और सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन कांवड़ियों के शिविरों में विशेष व्यवस्था कर रहा है, ताकि उनकी कांवड़ यात्रा सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बन सके।
इस वर्ष 30 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त तक चलने वाले श्रावण मास के दौरान कांवड़ियों के लिए शहर में व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। नगर निगम पुरुषों व महिला कांवड़ियों के लिए शिविरों में अलग-अलग ठहरने की व्यवस्था कर रहा है। साथ ही इनके सामान को सुरक्षित रखने के लिए शहर में तीन अलग-अलग स्थानों पर अमानती घर भी बनाए जा रहे हैं।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ आने वाले कांवड़ियों के विश्राम के लिए शहर में 12 निःशुल्क शिविर तथा 3 अमानती घर बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक शिविर में महिलाओं के ठहरने, शौचालय और बच्चों को दूध पिलाने की अलग व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त विश्राम स्थलों की भी व्यवस्था की जा सकती है, इसके लिए नगर निगम पूरी तरह तैयार है।
नगर आयुक्त ने बताया कि प्रत्येक शिविर में प्रकाश व्यवस्था, पंखे, पेयजल, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, गद्दे, चादर, तकिए, कूलर, शौचालय और केयरटेकर की व्यवस्था होगी, ताकि कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त जलकल, बिजली, स्वास्थ्य तथा सामान्य अभियंत्रण विभाग की संयुक्त क्विक रिस्पॉन्स टीम गठित की गई है। यह टीम हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पेयजल, सीवर, सड़क, सफाई तथा प्रकाश व्यवस्था से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान करेगी।
नगर आयुक्त के मुताबिक, जेपी मेहता इंटर कॉलेज परिसर में, टाउन हॉल में और सनबीम वरुणा स्कूल के सामने एक-एक शिविर बनाए जा रहे हैं। वहीं, गिलट बाजार, चितरंजन पार्क और रथ यात्रा चौराहे पर दो-दो शिविर बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अष्टभुजा मंदिर के समीप तीन शिविरों का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, चितरंजन पार्क, गोदौलिया चौराहा और चौक थाना परिसर में अमानती घरों का निर्माण किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया है कि ये सभी शिविर और अमानती घर नि:शुल्क हैं।
Updated on:
27 Jul 2026 08:41 pm
Published on:
27 Jul 2026 08:41 pm
