राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत रविवार को धर्मनगरी मथुरा पहुंचे। उनके आगमन को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत रविवार को धर्मनगरी मथुरा पहुंचे। उनके आगमन को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मथुरा रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद संघ प्रमुख सीधे वृंदावन स्थित केशव धाम के लिए रवाना हुए। वे यहां 4 जनवरी से 10 जनवरी तक सात दिवसीय प्रवास पर रहेंगे।
मोहन भागवत का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वे वृंदावन के केशव धाम में आयोजित होने वाली संघ की 7 दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारिणी बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस उच्च स्तरीय बैठक में संघ के सह-सरकार्यवाह सहित देश भर के लगभग 50 वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में संघ के विभिन्न प्रकल्पों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, आगामी वर्ष के लिए संगठन के विस्तार और सामाजिक समरसता जैसे महत्वपूर्ण एजेंडों पर गहन मंथन होगा। बैठक में संगठन की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी चर्चा की जाएगी।
सात दिनों के प्रवास के दौरान मोहन भागवत केवल संगठनात्मक बैठकों तक ही सीमित नहीं रहेंगे। वे वृंदावन में अक्षयपात्र संस्था द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, वे वृंदावन स्थित सुदामा कुटी के शताब्दी समारोह में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे, जिसे लेकर संत समाज में भारी उत्साह है।
संघ प्रमुख के इस प्रवास के दौरान मथुरा में बड़े राजनीतिक जमावड़े की भी संभावना है। कयास लगाए जा रहे हैं कि देश के गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी वृंदावन पहुंचकर मोहन भागवत से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि, इन मुलाकातों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक प्रोटोकॉल जारी नहीं हुआ है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां मुस्तैद हैं।
मोहन भागवत की सुरक्षा को देखते हुए मथुरा-वृंदावन मार्ग और केशव धाम के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। एलआईयू (LIU) और खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हैं। केशव धाम परिसर को पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया गया है ताकि सात दिवसीय बैठक शांतिपूर्वक संपन्न हो सके।