
Saint Premananda Maharaj and Indian soldiers meeting: मथुरा के वृंदावन में बड़ी संख्या में भारतीय सेना के जवान संत प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लेने पहुंचे। इस मौके पर उनके साथ परिवार के सदस्य भी मौजूद थे। प्रेमानंद महाराज ने भारतीय सेना के जवानों का हौसला बढ़ाया और बोले, "हम अंदर से सभी सैनिकों और उनके परिवार के सदस्यों को आशीर्वाद देते हैं कि वे स्वस्थ और सुखी रहें।" उन्होंने कहा कि हम और आप दोनों सैनिक की भूमिका में हैं। हम आंतरिक बुद्धियों को ठीक कर रहे हैं और आप बाहरी समाज के कैंसर को नष्ट कर रहे हैं। इस मौके पर भारतीय सेना के जवान और परिवार के सदस्य हाथ जोड़ बैठे रहे।
उत्तर प्रदेश के मथुरा वृंदावन स्थित आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज ने सेना के जवानों से कहा कि यदि आप अपना जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित किए हैं तो मैं अपना जीवन, प्राण और तपस्या आपके लिए समर्पित किये हूं। हम अंदर से सभी सैनिकों और उनके परिवारों को आशीर्वाद देते हैं कि वे स्वस्थ और सुखी रहें। स्वस्थ होकर राष्ट्र की सेवा करें। हमारे भारत के ऋषि मुनियों का प्रताप अभी अस्त नहीं हुआ है। हम दोनों सैनिक हैं। हम दोनों भारत की रक्षा कर रहे हैं। आप शस्त्र से और हम शास्त्र से। हम शास्त्र के माध्यम से बिगड़ी हुई बुद्धियों को सुधार रहे हैं और आप बिगड़े हुए लोगों को जो समाज के लिए कैंसर हैं को नष्ट कर रहे हैं।
संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि हम अंदर सुधार कर रहे हैं और आप बाहर सुधार कर रहे हैं। आप लोग हमारे देश की सुरक्षा का भार अपने बाजू में लिए हैं। आपके भावों में गुस्सा और शरीर पर अभिमान हो। आपको गर्व होना चाहिए कि हम भारतीय सैनिक हैं। आप लोग गर्व रहित नहीं, गर्भ सहित रहिए।
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि आप भारतीय सैनिक हैं। यदि हमारे राष्ट्र की तरफ किसी ने आंख उठाई और समाज की तरफ कदम बढ़ाया, तो अपने प्राण बलिहार करके उनके कदमों को रोक देंगे। आपको आवेश, क्रोध और भारतीय सैनिक होने का गर्व है और इसे नहीं छोड़िए। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में भारतीय सेना के योद्धा और उनके परिवार से मौजूद थे, जो हाथ जोड़कर सत्संग का आनंद ले रहे थे।