
Maulana Jarjis Ansari Krishna Controversy: भगवान श्री कृष्ण को लेकर मथुरा में नया विवाद खड़ा हो गया है। एक भाषण के दौरान मौलाना जर्जिस अंसारी ने दावा किया कि श्री कृष्ण को मुस्लिम थे। मौलाना जर्जिस अंसारी ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण दिन में 5 बार नमाज पढ़ते थे। वीडियो सामने आने के बाद कई हिंदू संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया और इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बयान बताया। श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद के याचिकाकर्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने एफआई की मांग की।
महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें सनातन समुदाय और हिंदू समुदाय से तुरंत माफी मांगनी चाहिए। ऐसे बयान देकर वे हमारी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं और सनातन धर्म का अपमान कर रहे हैं। इस्लाम लगभग 1400 साल पहले आया था, जबकि भगवान कृष्ण 5000 साल से भी पहले अस्तित्व में थे। तो वे किस तरह के बयान दे रहे हैं? क्या उनका दिमाग खराब हो गया है।
इसके बाद उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान जानबूझकर दिए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि यह सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच होनी चाहिए कि ऐसे बयान क्यों दिए जा रहे हैं और इसके पीछे कौन लोग हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को अदालत तक ले जाएंगे और संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की भी मांग करेंगे, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की बयानबाजी न कर सके। उन्होंने कहा कि संबंधित व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद पहले से चर्चा में है। इसी बीच मौलाना जर्जिस अंसारी का एक वीडियो फिर से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में दावा किया गया है कि भगवान श्री कृष्ण मुस्लिम थे और दिन में पांच बार नमाज पढ़ते थे। यह वीडियो सामने आने के बाद कई हिंदू संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया और इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया।
अपने भाषण के दौरान मौलाना जर्जिस अंसारी ने श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 6 के श्लोक 10 का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इस श्लोक में पूरे शरीर से पूजा करने की बात कही गई है। इसी आधार पर उन्होंने दावा किया कि भगवान श्री कृष्ण दिन में पांच बार नमाज पढ़ते थे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हिंदू अपने धार्मिक ग्रंथों को ध्यान से पढ़ें तो उन्हें इस्लाम धर्म अच्छा लगने लगेगा और भगवान राम व भगवान श्री कृष्ण से जुड़े ग्रंथों में भी ऐसी बातें लिखी गई हैं।
विवाद के बीच कई लोगों ने मौलाना की व्याख्या पर सवाल उठाए हैं। बताया जा रहा है कि भगवद्गीता के अध्याय 6 के श्लोक 10 में एक योगी के एकांत में रहकर मन, शरीर और आत्मा को परमात्मा में लगाने, इंद्रियों पर नियंत्रण रखने और इच्छाओं से मुक्त रहने का वर्णन है। श्लोक में नमाज या इस्लाम का कोई उल्लेख नहीं है।
संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए।