
पिता को पीठ पर बैठाकर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंची बेटी | फोटो सोर्स- patrika.com
Mathura District Hospital News: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिला अस्पताल से लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक बेटी को अपने बीमार और बुजुर्ग पिता के इलाज के लिए उन्हें पीठ पर लादकर इमरजेंसी वॉर्ड तक ले जाना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर उन्हें कोई स्ट्रेचर या व्हीलचेयर नहीं मिली, जिसके बाद मजबूरी में बेटी को यह कदम उठाना पड़ा। इस घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
यह पूरा मामला मथुरा के महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल का है। मथुरा शहर की रहने वाली नीलम के पिता लक्ष्मीनारायण लंबे समय से डायबिटीज (शुगर) की बीमारी से जूझ रहे हैं। पैर में गहरा घाव होने के कारण वे चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं। नीलम उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंची थी। अस्पताल में काफी देर तक कोशिश करने के बाद भी जब उन्हें कोई स्ट्रेचर नहीं मिला, तो मजबूरन नीलम ने पिता को अपनी पीठ पर बैठाया और इलाज के लिए निकल पड़ी।
इस घटना को लेकर जब अस्पताल के इंतजामों पर सवाल उठे, तो अफसरों में खलबली मच गई। मामले पर सफाई देते हुए अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) ने कहा कि कि हमारे यहां इमरजेंसी के बाहर हमेशा स्ट्रेचर और व्हीलचेयर तैयार रहते हैं। यह परिवार महिला अस्पताल वाले रास्ते से अंदर आया था। अगर वे वहां मौजूद कर्मचारियों से स्ट्रेचर मांगते, तो उन्हें तुरंत मिल जाता।
अस्पताल के अफसरों का कहना है कि इस बात की जांच की जा रही है कि आखिर लापरवाही कहां हुई और गेट पर स्टाफ क्यों मौजूद नहीं था। राहत की बात यह है कि बुजुर्ग मरीज को अब अस्पताल के वॉर्ड में भर्ती कर लिया गया है और डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। लेकिन इस घटना ने सरकारी अस्पतालों के दावों की पोल खोलकर रख दी है।
अस्पताल परिसर में जिसने भी एक बेटी को अपने बूढ़े पिता को पीठ पर ले जाते देखा, वह दंग रह गया। वहीं सूबे की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि इतने बड़े जिला अस्पताल में मरीजों के लिए मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।
Published on:
21 Jun 2026 03:04 pm
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