Six cyber fraudsters arrested: मथुरा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्तों ने एक घटना पश्चिम बंगाल की भी है। जहां से डिजिटल अरेस्ट करके 42 लाख से ज्यादा की ठगी की गई।
Mathura Cyber Crime Police Station got success: मथुरा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्त मथुरा, हाथरस और आगरा के रहने वाले हैं, जिनके खिलाफ अलग-अलग राज्यों में 20 से अधिक साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज हैं। इसमें पश्चिम बंगाल के थाना बारानगर की बड़ी घटना शामिल है, जिसमें एक व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट करके 42 लाख रुपए हड़प लिए गए। इसके अतिरिक्त केनरा बैंक औरंगाबाद की शाखा की भी जानकारी हुई है, जिसमें भी लाखों रुपए मांगे गए हैं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस को यह सफलता मिली है। साइबर क्राइम थाना ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्तों के खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों को अदालत के माध्यम से जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के मथुरा के साइबर क्राइम थाना पुलिस को जानकारी मिली की साइबर ठगी करने वाले 6 अभियुक्त यमुना एक्सप्रेस वे वृंदावन कट अंडरपास से मांट की ओर जाने वाली सर्विस रोड पर खड़े हैं। मुखबिर की सूचना पर सक्रिय हुई साइबर क्राइम पुलिस मौके पर पहुंच गई। जहां से 6 को गिरफ्तार किया गया। जिनके पास से काले रंग की महिंद्रा थार गाड़ी बरामद की गई। इसके अतिरिक्त बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेक बुक भी बरामद किया गया।
साइबर क्राइम थाना के अनुसार पकड़े गए अभियुक्तों में प्रशांत पुत्र संजय तिवारी निवासी शाही सराय थाना फरह मथुरा, बलराम पुत्र हरिओम निवासी रामपुर बवलोर थाना अछनेर आगरा, लक्ष्मण पुत्र पोतो निवासी पिलुवा सादिकपुर फरह मथुरा, कृष्णकांत उर्फ श्री कृष्णा उर्फ बाबूजी पुत्र कृष्ण मुरारी निवासी खेड़िया थाना रिफाइनरी जिला मथुरा, पुष्पेंद्र उर्फ पियूष पुत्र रूद्र सिंह निवासी थाना बिसावर हाथरस, हाल पता गोपाल नगर टाउनशिप थाना रिफाइनरी मथुरा और अरुण सिंह पुत्र भगवान सिंह निवासी बालाजीपुरम थाना हाईवे मथुरा शामिल हैं।
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्त सीधे-साधे लोगों को लालच देकर बैंक में खाता खुलवा लेते थे और ऑनलाइन ट्रेडिंग, टास्क आदि के माध्यम से रुपए मंगाकर साइबर ठगी का काम करते थे। साइबर पोर्टल पर जानकारी करने पर अभियुक्तों के कारनामे सामने आए। एनसीआर पोर्टल पर अलग-अलग राज्यों में 20 से अधिक साइबर अपराध की शिकायतें पाई गईं।
जिसमें से एक शिकायत केनरा बैंक औरंगाबाद शाखा का मिला। जिसमें 28 नवंबर 2025 को 2 लाख 9 हजार साइबर फ्रॉड से मंगाए गए थे। इसी प्रकार पश्चिम बंगाल के थाना बारानगर निवासी को डिजिटल अरेस्ट करके 42 लाख की ठगी की गई। पकड़े गए अभियुक्तों के खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम रफत मजीद, निरीक्षक अमित चौहान, उप निरीक्षक राजकुमार पवार, उप निरीक्षक जितेंद्र सिंह, उप निरीक्षक शरद त्यागी सहित कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल आदि शामिल थे।