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सपा सांसद के भाई के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, गाजीपुर डीएम को अवमानना नोटिस

Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट में गाजीपुर डीएम को आदेश न मानने पर अवमानना नोटिस भेजा है। सपा सांसद के भाई की याचिका पर सुनवाई के बाद यह नोटिस जारी किया गया है। ‌
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इलाहाबाद हाई कोर्ट का गाज़ीपुर डीएम अवमानना नोटिस, फोटो सोर्स- ChatGPT

फोटो सोर्स- ChatGPT

Allahabad High Court issues contempt notice to Ghazipur DM: गाजीपुर डीएम को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अवमानना मामले में नोटिस जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि कोर्ट के आदेश पर अमल नहीं किया गया और दुकानों को रिलीज नहीं किया गया। जवाब देने के लिए 14 जुलाई की तारीख निश्चित की गई है, जब अगली सुनवाई होगी। मामला सपा सांसद के चचेरे भाई से जुड़ा है। जिसमें जिला प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत दुकानें जब्त कर ली थी। हाईकोर्ट ने रिलीज करने का आदेश दिया था, लेकिन जिला प्रशासन ने आदेश को नहीं माना। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।‌ पूर्व डीएम को भी पक्षकार बनाया गया है।

14 जुलाई को सुनवाई होगी

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर से समाजवादी पार्टी से सांसद के चचेरे भाई मंसूर अंसारी की दुकानें जब्त कर ली हैं। इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट में गाज़ीपुर डीएम अनुपम शुक्ला को यह नोटिस जारी किया गया है। जिसमें उनसे कोर्ट के आदेश का अनुपालन न करने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस संबंध में अब 14 जुलाई को सुनवाई होगी। इस मामले को फिर से 10 मुकदमों में सूचीबद्ध करने का अभी आदेश दिया गया है।

26 दिसंबर 2023 को 18 दुकानें जब्त की गई

दरअसल सपा सांसद अफजाल अंसारी के चचेरे भाई मंसूर अंसारी ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी जिसमें उन्होंने गाजीपुर के पूर्व डीएम अविनाश कुमार को भी पक्षकार बनाया। जिला प्रशासन ने 26 दिसंबर 2023 को गाज़ीपुर डीएम के आदेश पर समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी के भाई मंसूर अंसारी की 18 दुकानों को जब्त कर लिया था।

गाजीपुर की विशेष अदालत ने प्रार्थना पत्र खारिज किया

इसके खिलाफ मंसूर अंसारी ने गाजीपुर की गैंगस्टर एक्ट की विशेष अदालत में प्रार्थना पत्र दिया, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद मंसूर अंसारी ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने गैंगस्टर के अंतर्गत जब्त की गई संपत्ति को रिलीज करने का निर्देश दिया। यह आदेश 12 मार्च को किया गया था, जिसमें गैंगस्टर एक्ट कोर्ट और डीएम गाजीपुर के आदेशों को निरस्त किया गया था। लेकिन अदालत के आदेश का जिला प्रशासन अनुपालन नहीं किया और कोर्ट के आदेशों की अवमानना की गई। न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र ने अवमानना याचिका पर यह आदेश दिया है।

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