पुलिस अधीक्षक इलामारन के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गैंगेस्टर एक्ट में दर्ज एक मामले में अपराध से अर्जित करोड़ों की अवैध कमाई को चिन्हित कर विधिसम्मत जब्तीकरण की कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई से अपराधियों और उनके संरक्षणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है।
Mau Crime: मऊ जनपद में अपराध और अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस प्रशासन ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक इलामारन के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गैंगेस्टर एक्ट में दर्ज एक मामले में अपराध से अर्जित करोड़ों की अवैध कमाई को चिन्हित कर विधिसम्मत जब्तीकरण की कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई से अपराधियों और उनके संरक्षणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है।
पुलिस अधीक्षक इलामारन द्वारा जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा गैंगेस्टर एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत अभियोगों में अपराध से अर्जित चल-अचल संपत्ति की पहचान कर जब्तीकरण हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी नगर कृष राजपूत के पर्यवेक्षण में एक संयुक्त पुलिस टीम का गठन किया गया।
अभियान के दौरान प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार सिंह, थाना कोतवाली नगर द्वारा की गई सतत सुरागरसी व पतारसी में यह तथ्य सामने आया कि थाना कोतवाली नगर मऊ के गैंगेस्टर एक्ट के मुकदमा संख्या 424/25, धारा 2/3(1) के अभियुक्त एवं गैंग लीडर होर्जेका नसीम पुत्र नसीम उर्फ कोठा, निवासी कासिमपुरा, द्वारा अपराध से अर्जित धनराशि को अपने परिजनों के नाम विभिन्न बैंकों में जमा कराया गया है।
जांच में सामने आया कि अभियुक्त ने अपनी बहन समीरा परवीन के नाम इंडसइंड बैंक कोपागंज में लगभग 32.90 लाख रुपये, दूसरी बहन सईद्रा नसीम के नाम बंधन बैंक सदर चौक में करीब 57 लाख रुपये, तीसरी बहन निशात अफरोज के नाम बंधन बैंक में लगभग 33 लाख रुपये तथा अपनी माता कौशर जहाँ के नाम बंधन बैंक सदर चौक में 21 लाख रुपये की एफडी कराई थी।
इस प्रकार अभियुक्त द्वारा कुल ₹83,90,520 (तिरासी लाख नब्बे हजार पांच सौ बीस रुपये) की अपराध से अर्जित धनराशि अपने परिजनों के खातों में जमा कराए जाने का तथ्य प्रकाश में आया। उक्त धनराशि को उत्तर प्रदेश गैंगेस्टर एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम की धारा 14(1) के अंतर्गत जब्त किए जाने हेतु रिपोर्ट जिलाधिकारी मऊ प्रवीण मिश्र को भेजी गई। उपलब्ध साक्ष्यों पर सम्यक विचारोपरांत जिलाधिकारी मऊ द्वारा दिनांक 29 दिसंबर 2025 को आदेश पारित करते हुए संपूर्ण धनराशि ₹83,90,520 को राज्य सरकार के पक्ष में जब्त करने का निर्देश दिया गया।
पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई को अपराध के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट है कि अवैध कमाई करने वालों की संपत्ति अब सुरक्षित नहीं है।