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Mau Ramlila: मुगलकालीन रामलीला में हाथी से पहुंचा रावण, देखने के लिए उमड़ा जनसैलाब

मऊ शहर में दशहरा की धूम रही। हाथी पर सवार रावण और रथ पर सवार राम के बीच युद्ध देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पुतला दहन के साथ ही मऊ का ऐतिहासिक दशहरे का मेला संपन्न हो गया।
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Updated: 2 Oct 2025, 8:26 PM IST
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रावण का दहन, Pc: abhishek singh

UP Ramlila: उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में ऐतिहासिक मुगलकालीन दशहरा मेला रावण दहन के साथ संपन्न हो गया। दसई पोखरा स्थित रामलीला मैदान में राम और रावण के युद्ध का मंचन किया गया, जिसमें हाथी पर सवार होकर रावण पहुंचा। जिसके बाद रावण के पुतले का दहन हुआ। यह मेला सदियों पुरानी मुगलकालीन परंपरा का हिस्सा है।

मऊ शहर में दशहरा की धूम रही। हाथी पर सवार रावण और रथ पर सवार राम के बीच युद्ध देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पुतला दहन के साथ ही मऊ का ऐतिहासिक दशहरे का मेला संपन्न हो गया।

मुगलकाल से जारी है रामलीला

इस मेले का संबंध लंबे सांस्कृतिक इतिहास और परंपराओं से है, जिसकी शुरुआत मुगलकाल से मानी जाती है। हालांकि, इसके शुरू होने की सटीक तारीख या कितने साल से यह लग रहा है, इसका कोई निश्चित पता नहीं है। यह रामलीला आज भी अपनी भव्यता बनाए हुए है।

रामलीला मैदान पर कड़ी सुरक्षा के बीच भगवान श्री राम ने रावण का संहार किया। रावण वध के बाद, भगवान राम का विमान रेलवे मैदान पहुंचा, जहां उन्होंने माता दुर्गा की आरती उतारी। इसके साथ ही दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन की प्रक्रिया शुरू हो गई, जो पूरी रात चलेगी।

इस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए दूर-दराज के गांवों से भी लोग आए थे। रंग-बिरंगे कपड़े पहने हुए जनसैलाब मेले में उमड़ पड़ा था, जो इस आयोजन की भव्यता का गवाह बना।

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2 Oct 2025, 8:26 PM IST
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