चौधरी चरण सिंह जिला कारागार मेरठ में कैंप लगाकर सभी बंदियों की जा रही है जांच
मेरठ। उत्तर प्रदेश की जेलों में इन दिनों HIV टेस्ट कराए जा रहे है। गोरखपुर, मेरठ समेत प्रदेश की आधा दर्जन जेलों के कैदी दहशत में है, क्योंकि एड्स का खतरा उनके सर पर मौत बनकर मंडरा रहा है। मेरठ के चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में पिछले एक महीने में दो बंदियों में एचआईवी पॉजिटिव की पुष्टि हुई है। अब तक मेरठ जेल में दस बंदियों में एड्स की पुष्टि हो चुकी है। जिनका इलाज चल रहा है। दरअसल, गोरखपुर जेल में 24 कैदियों को एड्स होने का मामला शासन स्तर तक गूंजने के बाद प्रदेश के सभी जिलों में बंदियों में एचआईवी की जांच कराई गई थी। इसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
बंदियों के लिए शुरू किए गए कैंप
मेरठ सीएमओ राजकुमार के मुताबिक जिला कारागार में 10 बंदियों में एचआईवी एड्स की पुष्टि हुई है। महीने में दो बार जेल में कैंप लगाकर सभी बंदियों की जांच कराई जा रही है। सीएमओ मान रहे कि इनमें कुछ बंदी पहले से HIV पॉजिटिव थे। दरअसल, गोरखपुर में पिछले दिनों 24 कैदी एचआईवी पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद प्रदेशभर की सभी 70 जिलों में बंदियों का टेस्ट कराया गया। इसमें मेरठ गोरखपुर सहित बरेली, इलाहाबाद, लखनऊ, फैजाबाद, आगरा , वाराणसी और कानपुर समेत कई जिलों में 256 कैदी बंदियों को एड्स की बीमारी पाई गई। जिसको लेकर मेरठ में भी बंदियों की जांच की गई तो मेरठ जेल में 10 बंदियों को इसकी पुष्टि हुई।