
मेरठ। जिले में कोरोना से पीड़ितों की मौत पर अंकुश नहीं लग रहा है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण और मृतकों की संख्या पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मेडिकल कालेज के प्राचार्य को भी हटा दिया गया था। यहां तक कि मेरठ की बिगड़ी व्यवस्था को सुधारने के लिए लखनऊ से एक नोडल अधिकारी की भी नियुक्ति की गई। लेकिन उसके बाद भी मौतों पर लगाम नहीं लग रही है। आज शुक्रवार को कोरोना से मेरठ में 3 लोगों की मौत हो गई। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने इसकी पुष्टि की है। जनपद में अब तक 45 लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दो की मौत मेरठ मेडिकल कॉलेज में और तीसरी मौत सुभारती मेडिकल अस्पताल में हुई है। इनमें एक सरधना क्षेत्र का रहने वाला था। सरधना सीएचसी प्रभारी राजेश कुमार ने पुष्टि की है। कोरोना से मौत होने के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वहीं परिवार के आठ सदस्यों को पहले ही होम क्वारंटीन किया गया था। इनके घर से बाहर जाने पर सख्त पाबंदी लगाई गई थी।
उधर, दूसरा शख्स 38 वर्षीय मूल रूप से सैनी गांव के रहने वाले थे। वह दिल्ली में प्लंबर का काम करता था। परतापुर में पुलिस स्टेशन के नजदीक परिवार के साथ किराए पर रहता था। बृहस्पतिवार को ही इनको कोरोना की पुष्टि हुई थी। इसके बाद इन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। नोडल अधिकारी डॉक्टर टीवीएस आर्य ने बताया कि इनके परिवार वालों को सूचना दे दी गई है। वह शव लेने के लिए मेडिकल पहुंच गए हैं।