Highlights- कोविड-19 के चलते 2020 में भी नहीं लगा था एतिहासिक मेला- जिलाधिकारी बोले- अभी इस बारे में कोई निर्णय नहीं - सैकड़ों साल की परंपरा इस बार भी टूटने के आसार
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. पश्चिमी उत्तर प्रदेश की शान और सांप्रदायिक एकता के प्रतीक नौचंदी मेले (Nauchandi Fair) पर इस बार कोरोना संक्रमण (Coronavirus) का ग्रहण लगता नजर आ रहा है। महापौर सुनीता वर्मा ने डीएम को लिखे पत्र में नौचंदी मेले को इस बार रद्द करने की मांग की है। बता दें कि वर्ष 2020 में भी नौचंदी मेला कोरोना संक्रमण के चलते रद्द कर दिया गया था। कमोवेश इस बार भी कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे तो देखते हुए मेला रद्द करने की पूरी संभावना है।
उल्लेखनीय है कि मेरठ का नौचंदी मेला सिर्फ मेरठ ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रसिद्ध है। यह मेला हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है। इस मेले में एक तरफ हिंदुओं के सैकड़ों साल पुराने देवी मंदिर में आरती होती है तो दूसरी तरफ सैकड़ों साल पुरानी ही बाले मिया की मजार पर उर्स और कव्वाली कार्यक्रम का आयोजन होता है। रात में चलने वाले इस मेले को देखने को दूर-दूर से लोग आते हैं, लेकिन पिछले साल 2020 में जब कोरोना संक्रमण फैला तो उसका असर इस मेले पर भी पड़ा। जिसके चलते मेला को रद्द कर दिया गया। वैसे ही हालात इस बार फिर से बन रहे हैं। मेरठ में कोरोना संक्रमण फिर से फैलने लगा है। जिसके चलते अब महापौर सुनीता वर्मा ने डीएम को पत्र लिखकर नौचंदी मेला रद्द करने की मांग की है।
बैठक में किया जाएगा विचार
नौचंदी मेले के आयोजन को लेकर जब डीएम के बालाजी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मेला रद्द करने के बारे में अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। महापौर की ओर से कोई पत्र आया है। नौचंदी मेले को लेकर जल्द ही बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर विचार करने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।