सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ में लगी प्रदर्शनी में 'युवराज' लोगों के आकर्षण का केंद्र
मेरठ। अपनी जिन्दगी में आपने बहुत कुछ देखा होगा, लेकिन हम जिसकी बात कर रहे हैं वह युवराज है। वह किसी राज्य का युवराज नहीं बल्कि एक एेसा भैंसा, जिसे हर कोर्इ देखना चाहता है। इस युवराज की कीमत आैर इसके रखरखाव के बारे में जानेंगे तो होश उड़ जाएंगे। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ में लगी प्रदर्शनी में भैंसा युवराज लोगों के आकर्षण का केंद्र है। इस भैंसे की सुरक्षा में एक दर्जन सिक्योरिटी गार्ड लग हुए हैं। इन गार्डों में पांच राइफल और पिस्टल धारी हैं बाकी लठैत हैं। सुरक्षा ऐसी की मोदी योगी के मंत्रियों की क्या होगी। इस भैंसे युवराज के पास किसी को भी फटकने नहीं दिया जाता। इसके पास जाने के लिए लोगों को समय लेना पड़ता है। कोई इसके पास अधिक देर तक नहीं रूक सकता। इसके अलावा इन भैंसे युवराज से मिलने की बात करते पर इससे समय भी न मिले। वैसे तो यह भैंसा युवराज प्रतिवर्ष ही कृषि मेले में लोगों के आकर्षण का केंद्र होता है। इसको देखने के लिए लोग दूर -दूर से आते हैं।
नौ करोड़ रुपये की कीमत है युवराज की
युवराज के मालिक कर्मवीर ने बताया कि इसकी सुरक्षा में दस से 12 लोग हमेशा ड्यूटी देते हैं। कर्मवीर के मुताबिक कोई भी युवराज को इसलिए नहीं खरीद पाया कि हर इसकी कीमत पहले से बढ़ी मिली। युवराज को बहुत लाड़-प्यार से पाला गया है। कर्मवीर की गांव में सैकड़ों एकड़ जमीन है। घर में पूरी तरह खेती किसानी का माहौल है। उन्होंने बताया कि युवराज की किस्म बिल्कुल अलग है। इस किस्म का भैंसा मिलना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। इससे पहले इसी मेले में इसकी कीमत एक करोड़ लग चुकी है। इस बार इसकी कीमत एक करोड़ 10 लाख तक जा पहुंची है, लेकिन अभी बेचने का कोई इरादा नहीं है।
क्यों है इतना महंगा युवराज
भैंसे युवराज का सीमैन को कर्मवीर प्रतिवर्ष 50 से 60 लाख तक रूपये में बेचते हैं। यह भैंसा विशुद्ध मुर्रा नस्ल का है। युवराज के मालिक कर्मवीर बताते हैं कि इसकी कीमत एक बार नौ करोड़ रूपये तक लग चुकी है। उनका अभी इसको बेचने का कोई इरादा नहीं है। युवराज कई मेडल और शील्ड भी जीत चुका है।