Delhi Meerut High Speed Rapid Rail दिल्ली से मेरठ तक चलने वाली हाईस्पीड रैपिड रेल के प्रत्येक कोच की सीट पर यात्रियों को हवाई जहाज जैसी सुविधाएं उपलब्ध होगी। यानी हर सीट के सामने एक डिस्प्ले होगा। जिसमें यात्री को स्टेशन आने की जानकारी से लेकर वाईफाई की सुविधाएं भी उपलब्ध होगी। वहीं रैपिड रेल के कोच में विशेष रूप से बनीं इन सीट में जरूरत पड़ने पर यात्री अपने लैपटाप भी अराम से बैठकर काम कर सकेगे।
Delhi Meerut High Speed Rapid Rail दिल्ली से मेरठ तक हाईस्पीड ट्रेन रैपिड के संचालन निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। दिल्ली से मेरठ तक 80 प्रतिशत पिलर खड़े हो चुके हैं। वहीं कुछ स्थानों पर अब पटरियां विछाने का काम शुरू हो चुका है। रैपिड रेल के कोच गुजरात के सांवली में तैयार किए जा रहे हैं। हाल ही में रैपिड का एक कोच दुहाई डिपो पर लाया गया। जहां पर मीडिया को रैपिड कोच की खूबिया बताई गई। रैपिड का हर कोच इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह हवाई जहाज के भीतर मिलने वाली सुविधाओं को भी मात दे रहा है।
बता दें कि दिल्ली से मेरठ तक चलने वाली तेज रफ्तार रैपिड रेल मात्र 55 मिनट में यात्रा को पूरा करेगी। रैपिड रेल के मॉडल के भीतर की सुविधाएं देश में पहली बार किसी ट्रेन के कोच में दी गई है। सब कुछ ठीक रहा तो मई में 17 किमी के दायरे में यानी साहिबाबाद से दुहाई तक पहले चरण का ट्रायल रन शुरू हो जाएगा। वैसे मार्च-2023 से रैपिड रेल के पहले चरण का संचालन शुरू करने की बात अधिकारी कर रहे हैं। जल्द ही 210 कोच यानी 40 ट्रेन सेट की डिलीवरी जल्द ही होने वाली है। दुहाई से मेरठ दक्षिण तक 20 किमी लंबे कॉरिडोर में 2023 की दिसंबर तक रैपिड का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
हर सीट के सामने होगा डिस्प्ले
रैपिड के हर कोच में हर सीट के सामने डिस्प्ले लगा होगा। जिसमें सभी तरह की जानकारियां उसमें यात्रियों को ट्रेन में बैठते ही मिल जाएगी। यानी यात्री सीट से अपने स्टेशन के आने का समय जान सकेंगे। स्क्रीन पर स्टेशनों पर ट्रेन के तय समय को दिखाया जाएगा। जिससे यात्री को अपने स्टेशन के बारे में जानकारी ले सकेगा। इसके अलावा यात्री को सीट के बराबर में ही मोबाइल और लैपटॉप के लिए चार्जिंग प्वाइंट होगा। जिससे वह आसानी से अपना जरूरी कार्य भी पूरा कर सकेंगे। स्टेशन पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ कोच के अंदर सीसीटीवी कैमरे होंगे। जिससे कोच के अंदर असामाजिक तत्व अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सकेंगे। इससे यात्रियों की सुरक्षा को ओर पुख्ता करने में मदद मिलेगी। पूरी ट्रेन वाईफाई से लैस होगी।