मेरठ

यहां पुरानी आैर जर्जर इमारतों को खाली कराने के लिए जारी किया गया अलर्ट

बारिश के चलते कर्इ मकान गिरने से जान-माल का नुकसान होने पर उच्च अधिकारियों ने जारी किया अलर्ट

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Jul 29, 2018
यहां पुरानी इमारतों को खाली करने के लिए जारी किया गया अलर्ट

मेरठ। तीन दिन से हो रही तेज बारिश के बीच मकान गिरने की बढ़ी घटनाओं और उसमें दबकर मर रहे लोगों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर एडीजी जोन मेरठ प्रशांत कुमार ने अलर्ट जारी किया है। अलर्ट जारी करते हुए उन्हाेंने कहा है कि जहां-जहां पुरानी बिल्डिंग है या उनमें दरारें हैं उनको तत्काल खाली कराया जाए। ऐसी चौकियां जहां उनके गिरने का अंदेशा बना हुआ है या फिर सामान्य जनता के ऐसे मकानों को तुरंत खाली कराएं। उसके आसपास भी सुरक्षा की दृष्टि से लोगों को हटा दिया जाए। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद, सहारनपुर, मेरठ में शहरों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर मकान गिरने की घटनाएं हुई हैं। जिनमें कई लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि राहत पहुंचाने की लगातार कोशिश की जा रही है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार जोन में अब तक 12 से 15 लोगों की बारिश की वजह से मौत हो चुकी हैं। एडीजी ने कहा कि हालांकि बहुत सारे लोग बचाए भी गए हैं। कोई लापरवाही करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरी मुस्तैदी से लगी हुई है।

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मंडलायुक्त ने भी मांगी बहुमंजिला इमारतों की रिपोर्ट

जोन में एडीजी के अलर्ट से पहले प्रशासन भी सतर्क हो गया है। मंडलायुक्त अनिता सी. मेश्राम ने बारिश में ऊंची-ऊंची बिल्डिंगों में मंडरा रहे खतरे को देखते हुए मंडल के सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों व प्राधिकरणों से बिल्डिंगों के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। उन्हाेंने अवैध बिल्डिगों पर बिना देरी के कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा बारिश के दिनों में किसी भी बिल्डिंग के बेसमेंट की खुदाई पर भी रोक लगा दी गई है।

एनसीआर में इमारतें गिरने के बाद गंभीर

पहले ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी और फिर गाजियाबाद के मिसलगढ़ी में निर्माणाधीन इमारत के गिरने के बाद एनसीआर में बन रही गगनचुम्बी इमारतों को लेकर खतरा बढ गया है। बारिश में कई जगह इमारतों के नीचे गहरा गड्ढा या सड़कों के धंस जाने की घटनाएं भी हुई हैं। जिसके चलते इन इमारतों में रहने वाले लोग भी दहशत में हैं। इन घटनाओं को लेकर शासन-प्रशासन सतर्क हो गया है। मंडलायुक्त अनीता मेश्राम ने कहा कि उनके द्वारा मंडल के सभी जिलों में स्थित बहुमंजिला इमारतों के संबंध मे प्रशासन और प्राधिकरण से रिपोर्ट मांगी गई है, जिसमें उनकी सुरक्षा और गुणवत्ता जांचने को कहा गया है। यदि किसी भी बिल्डिंग में कोई खतरा है या फिर कोई दरार है तो उसे तत्काल खाली कराने को कहा गया है।

जोन और मंडल में तैयारी पूरी

एडीजी प्रशांत कुमार का कहना है कि जोन में किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह से तैयार है। वहीं मंडलायुक्त अनिता सी मेश्राम ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर भी पूरी तैयारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में मकान की गिरने की घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मौके पर जाकर वास्तुस्थिति से उनको अवगत कराएं।

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Published on:
29 Jul 2018 10:06 am
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