
मेरठ. वाल्मीकि समाज के शमशान की भूमि पर कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आज वाल्मीकि समाज की महापंचायत हुई। इस महापंचायत में फैसला लिया गया कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वे महानगर की सफाई-व्यवस्था को ठप कर देंगे। समाज का बच्चा-बच्चा आंदोलन के लिए तैयार है। हम अपने शमशान घाट की एक इंच जमीन भी सरकार को नहीं कब्जा करने देंगे। वाल्मीकि समाज ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
बता दे कि दिल्ली रोड पर वाल्मीकि समाज का एक शमशान घाट है। इस शमशान घाट पर नगरनिगम दीवार करवा रहा है। जिसका वाल्मीकि समाज विरोध कर रहा है। वाल्मीकि समाज का आरोप है कि यह शमशान घाट को कब्जाने की कोशिश है। समाज के लोगों का कहना है कि वाल्मीकि समाज का एकमात्र यही शमशान घाट है। इस पर हम किसी भी कीमत पर कब्जा नहीं होने देंगे।
वाल्मीकि समाज के विनेश मनोठिया ने कहा कि वाल्मीकि शमशान की भूमि को कब्जाने की तीसरी बार कोशिश की जा रही है। इससे पहले एक पूर्व विधायक ने यहां पर बालिका विद्यालय बनाकर जगह को कब्जा लिया था। इसके बाद फिर से इसमें कब्जा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस भूमि को उनके पूर्वजों ने अपने खून-पसीने सींच कर बचाए रखा आज उस भूमि को कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। वाल्मीकि समाज यह हरगिज नहीं होने देगा। इसके लिए चाहे हमको कुछ भी करना पडे़। उन्होंने कहा कि भाजपा के पूर्व विधायक लक्ष्मीकांत वाजपेयी और अमित अग्रवाल ने पहले ही शमशान घाट की जमीन पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने कहा कि कमिश्नर अनिता सी मेश्राम से भी वाल्मीकि समाज के लोग मिले थे। उन्होंने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा कि हमारा यह संदेश सरकार तक मीडिया के माध्यम से हैं कि हम अपनी जमीन एक इंच भी कम नहीं लेगे। अगर जमीन को कब्जाने की कोशिश की गई तो वाल्मीकि समाज आरपार की लड़ाई लडे़गा।