मेरठ

Pensioners का जीवित प्रमाणपत्र लेने अब बैंक अधिकारी आएंगे घर, देने पड़ेंगे इतने रुपये

Highlights केंद्रीय पेंशन, लोक शिकायत एवं कर्मिक मंत्रालय के आदेश एक साल में चार बार बैंक भेजेगा पेंशन धारकों को रिमांडर शुल्क के अलावा 18 प्रतिशत जीएसटी के साथ होगी फीस  

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Feb 06, 2020

केपी त्रिपाठी, मेरठ। पेंशनधारकों (Pensioners) के लिए जीवित प्रमाण-पत्र (Live Certificate) देने के लिए साल में कई बार बैंकों (Banks) के चक्कर काटने पड़ते हैं। कभी संबंधित बैंक कर्मी नहीं मिलता तो कभी मैनेजर अवकाश पर होते हैं। इस चक्कर में पेंशनधारकों को परेशानी उठानी पड़ती है। अब पेंशनधारकों को जीवित प्रमाण पत्र देने के लिए बैंकों के चक्कर नहीं काटने होंगे। पेंशनधारक बैंक जाने की स्थिति में नहीं है तो वे 72 रुपये देकर बैंक अधिकारी को अपने घर बुलाकर बैंक को अपने जीवित होने का प्रमाणपत्र दे सकते हैं। 72 रुपये बैंक की घर आने की फीस होगी। इसमें 60 रुपये शुल्क (Fees) है और 18 प्रतिशत जीएसटी (GST) है।

केंद्रीय पेंशन, लोक शिकायत एवं कार्मिक मंत्रालय ने इस आशय का आदेश जारी किया है। इस आदेश में कहा गया है कि वर्ष में एक बार पेंशन धारकों के जीवित होने का सत्यापन किया जाता है। जिसमें 20 प्रतिशत लोग पेंशन का सत्यापन नहीं करा पाने के कारण परेशान होते हैं। पेंशनधारकों को इसी परेशानी से बचने के लिए मंत्रालय ने येे पहल की है। लीड बैंक के अविनाश तांती ने बताया कि केंद्रीय पेंशन, लोक शिकायत एवं कार्मिक मंत्रालय की ओर से 17 जनवरी 2020 को इस संबंध में सर्कुलर जारी किया गया है। इसके तहत पेंशन जारी करने वाले सभी बैंकों को अपने एक अधिकारी का केंद्रीय पेंशन सेल में नामांकन करना होगा। यह अधिकारी हर वर्ष जनवरी, फरवरी और मार्च में पेंशन सत्यापन की रिपोर्ट मंत्रालय को भेजेंगे।

उन्होंने बताया कि पेंशनधारक जीवित होने का प्रमाण पत्र देने के लिए बैंककर्मी को अगर अपने पास बुलाना चाहे तो उनको यह सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए बैंक के टोल फ्री नंबर और बैंक के मोबाइल एप पर इसका लाभ उठाया जा सकेगा। इसके प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी बैंकों को सौंपी गई है। अविनाश ने बताया कि बैंक हर वर्ष अक्तूबर से दिसंबर तक पेंशनरों का सत्यापन करते हैं। सत्यापन अभियान के लिए बैंक पेंशन धारकों को 24 अक्तूबर, एक नवंबर, 15 नवंबर और 25 नवंबर को जीवित होने का प्रमाण पत्र देने का मैसेज या ईमेल करेंगे। इसमें 30 नवंबर से पहले जीवित होने का प्रमाण पत्र देने को कहा जाएगा। जो 30 नवंबर तक जो प्रमाण पत्र नहीं दे पाएंगे उनकी एक दिसंबर को सूची तैयार की जाएगी। इनसे फिर बैंक संपर्क करेगा और पूछेगा कि उन्हें जरूरत है तो कर्मचारी उनके घर आकर उनका प्रमाण पत्र ले ले।

Published on:
06 Feb 2020 10:09 am
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