
6 साल की बेटी ने दी पिता को मुखाग्नि। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज
Daughter Performs Last Rites of Father: उत्तर प्रदेशके मेरठ के बहसूमा क्षेत्र स्थित महमूदपुर सिखेड़ा गांव में 9 बीघा जमीन के विवाद ने एक परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया। छोटे भाई अंकुर की हत्या के मामले में बड़ा भाई कपिल पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। शुक्रवार को जब पोस्टमार्टम के बाद अंकुर का शव गांव पहुंचा तो पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया जब छह साल की बेटी किट्टो ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।
दोपहर करीब 3 बजे अंकुर का शव गांव लाया गया। शव देखते ही उनकी 6 वर्षीय बेटी किट्टो और चार वर्षीय बेटी आरोही फूट-फूटकर रोने लगीं। दोनों बच्चियां अपने पिता के शव से लिपट गईं। परिवार और ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं।
अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। जब छोटी सी बच्ची किट्टो ने अपने पिता को मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। किसी ने नहीं सोचा था कि इतनी कम उम्र में एक बेटी को अपने पिता की चिता को अग्नि देनी पड़ेगी।
अंकुर की मौसी जयवीरी और ग्रामीणों का आरोप है कि आरोपी कपिल पर इससे पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। उनका कहना है कि करीब 4 साल पहले कपिल ने अंकुर की पत्नी राखी की हत्या कर दी थी।
परिजनों के मुताबिक राखी की मौत को आत्महत्या दिखाने के लिए शव को फंदे पर लटका दिया गया था। उस समय परिवार और ग्रामीणों ने मामला आगे नहीं बढ़ाया और घटना को आत्महत्या मान लिया गया। अब परिजनों का कहना है कि अगर उस समय कार्रवाई होती तो अंकुर की जान बच सकती थी।
मौसी जयवीरी ने रोते हुए कहा कि अगर कपिल को उसी समय जेल भेज दिया जाता तो आज अंकुर जिंदा होता और उसकी बेटियां अनाथ नहीं होतीं।
परिजनों और रिश्तेदारों का आरोप है कि इस हत्याकांड में केवल कपिल ही नहीं बल्कि बहसूमा क्षेत्र के दो अन्य युवक भी शामिल थे। उनका कहना है कि पुलिस को इस एंगल पर भी जांच करनी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने नहीं आई है। हालांकि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पूरे मामले की जांच की जा रही है।
सीओ मवाना पंकज लवानिया के अनुसार आरोपी कपिल को वारदात स्थल और शव दफनाने वाली जगह पर ले जाकर क्राइम सीन दोहराया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने पांच मई को अंकुर को नलकूप पर बुलाया था।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने अंकुर की कनपटी पर गोली मारकर हत्या की थी। इसके बाद उसने मजदूरों से वन क्षेत्र में गड्ढा खुदवाया और बाद में बाइक पर शव ले जाकर वहां दफना दिया।
वारदात के बाद आरोपी ने गांव के लोगों को बताया कि उसने अंकुर को नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया है। इसी बहाने उसने कई दिनों तक लोगों को गुमराह किया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एक बैसाखी, एक फावड़ा, 315 बोर का तमंचा और दो रस्सियां बरामद की हैं। इन साक्ष्यों को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
पुलिस ने आरोपी कपिल को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
नौ बीघा जमीन के विवाद ने एक परिवार से उसका बेटा, पिता और सहारा छीन लिया। एक तरफ छह साल की मासूम बेटी को अपने पिता को मुखाग्नि देनी पड़ी, तो दूसरी तरफ परिजन पुराने मामलों की भी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अब पूरे गांव की निगाहें पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।
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Updated on:
30 May 2026 09:51 am
Published on:
30 May 2026 09:51 am
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