
मेरठ. दुनियाभर में कोरोना वायरस की महामारी अभी खत्म नहीं हुई है कि अब बर्ड फ्लू (Bird Flu) ने दस्तक दे दी है। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर, मंदसौर के बाद अब आगरा (Agra) में भी बर्ड फ्लू के कारण कौवे मरे पाए गए हैं। इससे पहले राजस्थान बाद में इंदौर में मृत कौवों में बर्ड फ्लू वायरस के लक्षण पाए गए हैं। इसी के साथ आगरा में भी कौवों की मौत के बाद विभाग अलर्ट मोड पर है। मेरठ में सीएमओ डाॅ. अखिलेश मोहन ने बताया कि अभी किसी प्रकार के लक्षण बर्ड फ्लू के नहीं मिले हैं, लेकिन सतर्कता पूरी तरह से बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग के चिकित्सक भी क्षेत्र पर नजर रखे हुए हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी मेरठ डॉ. अनिल कंसल ने बताया कि पशुपालन विभाग के निदेशक के आदेश पर जिले के सभी पशु चिकित्सालयों के चिकित्सकों तथा पशुधन प्रसार केंद्रों के प्रभारी और स्टाफ को उक्त कार्य में लगा दिया गया है। साथ ही आम जनता से भी अपील की गई है कि वे पक्षियों से दूरी बनाएं। अगर कहीं किसी पक्षी के मरने की जानकारी होती है तो उसको तुरंत विभाग को बताएं। उन्होंने बताया कि आगरा में मरे कौवों के सैंपल विभाग द्वारा लैब में भेजे गए हैं। विभाग की रिपोर्ट आना शेष है, लेकिन इंदौर में पुष्टि हो जाना कहीं ना कहीं आगरा में भी इस खतरे की ओर इशारा कर रहा है। इंदौर में कई मौतों का कारण एच5एन8 एवियन इन्फ्लूएंजा है। एच5एन1 से लेकर एच5एन5 टाइप तक वाला बर्ड फ्लू का वायरस घातक होता है। ये सभी वायरस एक से दूसरे पक्षी में फैलते हैं।
वहीं, वर्तमान में जिस वायरस से इन कौवों की मौत हुई है, वह केवल कौवों तक ही सीमित है। इससे दूसरे पक्षियों के संक्रमित होने का डर नहीं है। फिर भी वायरस के मामले सामने आते ही आगरा में भी विभाग ने थोड़ी सक्रियता दिखाई है। डाॅ. अनिल कंसल ने बताया कि एक्सपर्ट के अनुसार, यह बीमारी पक्षियों से मनुष्यों में भी आ सकती है, लेकिन अभी तक इसकी आहट इंसानों तक नही पहुंची है। एक्सपर्ट कहते हैं कि यह बीमारी फ्लू से संक्रमित मांसाहारी भोजन के जरिये लोगों में भी आ सकती है।